रतिया। उपमंडल के गांव अलीकां में बुधवार देर रात एक नशा तस्कर को पकड़ने के लिए निजी गाड़ी पर आए पंजाब पुलिस के कर्मचारियों और गांव वासियों में विवाद हो गया। गुस्साए गांव वासियों ने पंजाब पुलिस के कर्मचारियों की निजी गाड़ी का घेराव कर उसे तोड़ दिया। बाद में रतिया सदर थाना अध्यक्ष ओम प्रकाश बिश्नोई मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को शांत किया और पंजाब पुलिस के कर्मचारियों को रतिया सदर थाना में लेकर आए। इसके बाद पंजाब पुलिस के कर्मचारी लौट गए।
जानकारी के अनुसार पंजाब के अमृतसर पुलिस के सीआईए स्टाफ के कुछ कर्मचारी एक निजी गाड़ी पर रतिया उप मंडल के गांव अलीकां पहुंचे थे पुलिस को सूचना मिली थी कि एक नशा तस्कर जो कि पंजाब पुलिस को वांछित था गांव अलीकां में अपने एक रिश्तेदार के पास आया हुआ था और रिश्तेदार का इंटरनेट भी यूज कर रहा था जिसकी लोकेशन ट्रेस करके पंजाब पुलिस के कर्मचारी उप निरीक्षक जगदीश सिंह के नेतृत्व में एक निजी गाड़ी में सवार होकर अलीकां गांव में पहुंचे और एक घर में दबिश दी पुलिस को पहुंच देख कर तस्कर मौके से फरार हो गया लेकिन पुलिस कर्मचारी अलीकां निवासी एक युवक को उठाकर ले जाने लगी जैसे ही गांव वासियों को इसकी सूचना मिली तो उन्होंने पुलिस की गाड़ी को घेर लिया और गाड़ी के शीशे तोड़ दिए। सूचना मिलने पर सदर थाना अध्यक्ष ओमप्रकाश पहुंचे मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को शांत कराया। ग्रामीण युवक को छोड़ने पर माने।
इस बारे में जब सदर थाना अध्यक्ष ओमप्रकाश से बात की गई तो उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस के कर्मचारियों पर हमले की सूचना मिली थी जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पंजाब पुलिस के कर्मचारियों को गांव से सदर थाना लाया गए यहां से पंजाब पुलिस के कर्मचारी लौट गए हैं उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस के कर्मचारी निजी गाड़ी में आए थे जिसका ग्रामीणों को भ्रम पैदा हो गया। किसान ने शिकायत नहीं दी है।