फतेहाबाद। जिले में पशु पालकों को गांव में ही उपचार देने के लिए बनाए पशु अस्पतालों एवं औषधालयों के जर्जर होने से लोग परेशान हैं। लेकिन टेंडर होने के एक साल बाद भी काम शुरू नहीं हो पाया है। लोक निर्माण विभाग की ओर से जिले के 12 गांवाें में पशु अस्पतालों एवं औषधालयों का निर्माण करने के लिए साल 2024 में कवायद शुरू हो गई थी।
अभी गांव मेहूवाला, गाजूवाला और साधनवास के पशु औषधालय का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। गांव मेहूवाला के पशुपालक विनय, सुमेरपाल, सुशील, राजेश और मांगेराम आदि ने बताया कि यहां बना पशु अस्पताल 30 वर्ष पुराना होने के कारण जर्जर हो चुका है।
भवन की छत से प्लास्टर उखड़कर गिरने लगा है, छत टपक रही है। वहीं गांव रामसरा के ग्रामीणों ने बताया जर्जर भवन होने के कारण पशु पालक यहां जाने से कतराते हैं। उनको इसके गिरने का डर है।
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इन गांवों में शुरू हुआ है निर्माण
गांव-राशि लाख में
बैजलपुर, पशु चिकित्सालय-31.11
नेहला, पशु औषधालय-40.29
साधनवास,पशु चिकित्सालय-31.11
गाजूवाला, पशु चिकित्सालय-31.11
तलवाड़ा, पशु चिकित्सालय-31.11
कंहड़ी, पशु चिकित्सालय-31.11
बलियाला, पशु चिकित्सालय-31.11
रामसरा, पशु चिकित्सालय-31.11
गोरखपुर, पशु औषधालय-40.29
काजलहेड़ी, पशु औषधालय-40.29
टोहाना,पशु औषधालय-40.29
मेहूवाला, पशु औषधालय-40.29
:: पशु चिकित्सालयों का निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग की ओर से करवाया जा रहा है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से पशु चिकित्सालयों की मरम्मत कार्य करवाया गया है।
-सुखविंद्र सिंह, उपनिदेशक, डेयरी एवं पशु पालन विभाग, फतेहाबाद।