फतेहाबाद। ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आठ सितंबर को मकानों, पशुओं व अन्य सामान की बाढ़ व बारिश के कारण हुए नुकसान के सत्यापन की अंतिम तिथि थी, लेकिन यह सत्यापन पूरी नहीं हो पाई है। मकानों के सत्यापन का कार्य अभी भी बाकी है, जिस कारण सरकार को फसल खराबे की रिपोर्ट भेजने में देरी हो रही है।
फतेहाबाद में इस बार आई बारिश व बाढ़ के कारण किसानों को भारी नुकसान हुआ है। नुकसान के आंकलन को लेकर सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल को 31 जुलाई के बाद से लेकर आठ सितंबर तक बार-बार खोला था। इससे पहले 10 अगस्त, 25 अगस्त व 31 अगस्त तक पोर्टल खोले गए, लेकिन फसलों के साथ-साथ जुड़े इस पोर्टल पर मकानाें, पशुओं व बाढ़ व बारिश के कारण खराब हुए नुकसान का नया विकल्प भी दे दिया था। जिसके चलते मकानों, पशुओं व अन्य सामान को नुकसान के सत्यापन के लिए आठ सितंबर अंतिम तारीख दी गई थी, लेकिन मकानों के नुकसान का सत्यापन अभी भी अटका हुआ है।
पशुओं के मौत का सत्यापन पूरा
ई-क्षति पूर्ति पोर्टल पर बाढ़ से 42 पशुओं की मौत का डाटा डाला गया है, जिसका सत्यापन हो चुका है। इसके अलावा 1452 लोगों ने मकानों को नुकसान का डाटा डाला था, जिसमें से 1432 मकानों का सत्यापन आठ सितंबर तक हो पाया है। सत्यापन का काम आगे भी जारी रहेगा, जिस कारण सरकार के पास रिपोर्ट भेजने में दिक्कत आएगी। इसके अलावा अभी तक 27 लोगों ने अपने कपड़ों व बर्तनों के खराब होने ब्यौरा भी पोर्टल पर दिया है, उसका भी सत्यापन अभी बाकी है। हालांकि फसलों का सत्यापन समय से पहले कर लिया गया था।
कोट
फसलों का सत्यापन पूरा हो चुका है। अब मकानों का सत्यापन भी लगभग पुरा होने के कगार पर है। जल्द ही सत्यापन करके सरकार को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।
-सुरेश कुमार, जिला राजस्व अधिकारी, फतेहाबाद