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सब्जियों के बढ़ रहे दाम, बिचौलियों की चांदी

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बिक्री के लिए सब्जी मंडी में पड़ी सब्जियां - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। इस सीजन में सब्जियों का दाम कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इससे गृहिणियों का बजट खराब हो रहा है। इस दाम वृद्धि का सबसे ज्यादा लाभ बिचौलिये उठा रहे हैं जबकि ग्राहक और किसान इनके बीच पीस रहे हैं। इस समय फतेहाबाद में थोक और खुदरा सब्जियों के भाव में 2 से ढाई गुणा अंतर में बिक रही है। अगर किसान की सब्जी सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचे तो आम व्यक्ति को 60 से 70 फीसदी तक फायदा होगा ही, उतना ही फायदा किसान को होगा। सब्जी के रेटों और महंगाई पर प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं है। सब्जी मंडी एसोसिएशन का कहना है कि सब्जी के भाव रोज के होते है और डिमांड एंड सप्लाई पर निर्भर करते हैं।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार खेतों से किसान अल-सुबह सब्जी लेकर मंडी में बेचने आते हैं, जहां से उनकी सब्जी आढ़ती (कमीशन एजेंट) के मार्फत नीलामी द्वारा बेची जाती है। किसानों द्वारा लाई सब्जी एक जगह एकत्रित करके उनकी बोली होती है और बड़े खरीददार बोली द्वारा ‘अपने’ पर खरीदते हैं। इन खरीददारों से बाद में छोटे दुकानदार, खुदरा विक्रेता व रेहड़ी वाले ले जाते हैं। जो ‘अपने’ दामों पर सब्जी को ग्राहकों पर बेचते हैं। इस खेल में सब्जी के भाव दो से ढाई गुणा बढ़ जाते हैं। वीरवार को फतेहाबाद की सब्जी मंडी में गोभी, गाजर व टमाटर के भाव 10 से 12 रुपये प्रति किलो थे। जब किसान से यह फसल खरीदी जाती है तो प्रति नग 2 रुपये तथा 5 फीसदी आढ़त का खर्चा आढ़ती वसूलता है। इसके अलावा लेबर अलग से।
100 की सब्जी 200 में
उदाहरण के रुप में किसान से सौ रुपये की सब्जी बिकती है तो उस पर खरीददार का 2 रुपये प्लस 7 रुपये यानी 107 रुपये का भाव देना पड़ता। इसे फड़ीदार (बड़ा खरीददार) खरीदता हैं, जब रेहड़ी चालक या खुदरा विक्रेता इसे खरीदता है तो 30 रुपये इसमें और जुड़ जाते हैं, यानि की 100 रुपये के 137 रुपये रेहड़ी चालक को देने पड़े। अब रेहड़ी चालक अपना मुनाफा जोड़कर इसे ग्राहक को बेचेगा। आमतौर पर इसके भाव 180 रुपये से 200 रुपये पड़ जाता है। इस खेल में सब्जी के दाम दो गुणा से ढाई गुणा तक बढ़ रहे हैं।
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डिमांड एंड सप्लाई भी है वजह
इसके अलावा मौसम की मार तथा पेट्रोल-डीजल के रेट के कारण वाहनों का किराया बढ़ने से सब्जी के दाम तो बढ़ते ही है साथ सप्लाई भी कम हो जाती है। कम सप्लाई होने का मंडी के व्यापारी जमकर फायदा उठाते हैं। पिछले दिनों टमाटर व प्याज कम सप्लाई के कारण
ही यहां बढ़े हुए थे।
इस बारे में मार्केट कमेटी सचिव सजीव सचदेवा ने कहा कि किसान ओपन नीलामी द्वारा फसल बेच रहा है। इसमें किसी की मोनोपॉली नहीं हैं, ऐसे में किसी पर दबाव नहीं डाला जा सकता है। वैसे मौसम के कारण इस बार रेट थोड़े ज्यादा है।
संजीव सचदेवा, सचिव मार्केट कमेटी फतेहाबाद।
सब्जी का भाव प्रतिदिन का होता है, सुबह माल कम होता है तो दोपहर तक माल ज्यादा आ जाता है तो तभी रेट घट बढ़ जाते हैं। कई बार मौसम के कारण या दिल्ली में किसी आंदोलन के कारण माल नहीं आता तो यहां रेट बढ़ जाते हैं। किसान अपनी सहमति से माल बेच जाता है, किसी प्रकार की कोई शिकायत भी नहीं है।
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बंटी सुखीजा, प्रधान सब्जी मंडी आढ़ती एसोसिएशन, फतेहाबाद।
सब्जियों के दाम कम होने जरूरी है। बढ़ती महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ कर रख दिया है। सरकार को सब्जी के दामों पर नियंत्रण रखना चाहिए।
सुनीता मैहता, गृहिणी फतेहाबाद।
आम सब्जियां फलों से भी महंगी हो चुकी है। सब्जियों के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। सरकार के मंत्री व अधिकारी मौन है। उपायुक्त को इसमें ध्यान देना चाहिए।
कंचन रानी, गृहणी फतेहाबाद।
किसानों को इस बार सब्जी के अच्छे दाम मिल रहे हैं। किन्नू, अमरुद व गाजर के रेट से किसानों को अच्छी आमदनी हो रही है।
पवन राठौड़, फड़ीदार सब्जी मंडी
इस बार किसानों को प्याज, गाजर व टमाटर से ठीक आमदनी है। ग्राहकों को भी ठीक दामों पर माल मिल रहा है।
सुरेश कुमार व अशोक मेहता, आढ़ती सब्जी मंडी फतेहाबाद।
वीरवार को सब्जी के भाव
सब्जी मंडी में भाव खुदरा विक्रेता
मूली 7 15
गोभी 10 25
किन्नू 18 30
आलू 15 25
शिमला मिर्च 35 60
टमाटर 13 25
मिर्च 27 50
पालक 10 20
गाजर 12 25
मटर 35 60
बंद गोभी 12 20
प्याज 30 50
लहसुन 90 130
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