कोरोना टीकाकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग 22 मार्च को दोबारा मेगा ड्राइव आयोजित करेगा। इस बार 10 हजार लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने का लक्ष्य दिया जाएगा। पहले 5 हजार लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य दिया गया था। जिले में अभी तक करीब 20 हजार लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी है।
बता दें कि बुधवार को जिले में 323 लोगों को कोरोना से बचाव का टीका लगाया गया। इसमें 278 बुजुर्ग भी शामिल है। स्वास्थ्य विभाग ने अब निजी अस्पतालों को राहत दी है। अब कोई भी निजी अस्पताल कोरोना वैक्सीन रख सकेगा। इसके लिए विभाग से अनुमति लेनी होगी। स्वास्थ्य विभाग ने टीकाकरण के लिए चार निजी अस्पतालों का नाम भेजा है।
बुधवार को यहां लगाया गया टीका
जिले के 9 स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण अभियान चलाया गया
7 स्वास्थ्यकर्मियों ने पहली और 14 ने दूसरी डोज लगवाई
6 फ्रंटलाइन वर्कर्स ने पहली और 23 ने दूसरी डोज लगवाई
गंभीर बीमारी से पीड़ित 32 लोगों ने वैक्सी लगवाई
278 बुजुर्गों ने वैक्सीन की पहली डोज लगवाई
पैनल आयुष्मान अस्पतालों ने नहीं दिखाई रुचि
कोरोना टीकाकरण के तीसरे चरण के लिए आयुष्मान भारत योजना के तहत पैनल में शामिल अस्पतालों को शामिल किया जाना था लेकिन किसी भी अस्पताल ने रुचि नहीं दिखाई है। पैनल में सात अस्पताल शामिल है। अस्पताल संचालकों का तर्क है कि सरकारी अस्पतालों में टीका फ्री लग रहा है ऐसे में उनके पास कोई नहीं आएगा।
अब कोई भी निजी अस्पताल लगा सकेगा वैक्सीन
स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय ने निजी अस्पतालों को कोरोना टीका लगाने की अनुमति दे दी है। अब आयुष्मान भारत योजना पैनल अस्पताल के अलावा कोई भी निजी अस्पताल अनुमति लेकर वैक्सीन लगा सकेगा। सिविल सर्जन कार्यालय ने मुख्यालय में फतेहाबाद से सद्भावना अस्पताल, पंजाबी सभा अस्पताल, रतिया से मिगलानी अस्पताल, टोहाना से जैन समाधि अस्पताल का नाम भेजा है।
कोट
कोरोना टीकाकरण का मेगा ड्राइव 22 मार्च को आयोजित किया जा रहा है। पात्र लोगों से अपील की जा रही है कि वह टीका जरूर लगवाएं।
-डॉ. सुनीता सोखी, उप सिविल सर्जन।