गांव बड़ोपल में पशुपालक के घर बंधी दुधारू गाय। स्रोत पशुपालन विभाग
फतेहाबाद। दुधारू पशुओं को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने टीकाकरण अभियान शुरू किया है। जिले में सोमवार से मुंहखुर और गलघोंटू की घातक बीमारियों से सुरक्षा प्रधान करेगा। हालांकि सोमवार को अभियान के पहले दिन कुछ स्थानों पर ही शुरू हो सका। विभाग का लक्ष्य 11 जून तक शत-प्रतिशत पशुओं को सुरक्षा चक्र में लाना है।
इस बार टीकाकरण अभियान को डिजिटल किया गया है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भारत पशुधन एप के माध्यम से टीकाकरण किया जा रहा है। जब विभाग की टीम पशु को टीका लगाएगी, तो पशुपालक के पंजीकृत मोबाइल फोन नंबर पर एक ओटीपी आएगा। इस ओटीपी को कर्मचारी के साथ साझा करने के बाद ही टीकाकरण का रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज होगा। इससे टीकाकरण की प्रमाणिकता बढ़ेगी और भविष्य में सरकारी योजनाओं और पशु बीमा का लाभ लेने में भी आसानी होगी।
गलघोंटू पशुपालकों के लिए गंभीर खतरा
वरिष्ठ पशु चिकित्सक संजय शर्मा ने बताया कि गलघोंटू एक संक्रामक और जानलेवा बीमारी है जो अक्सर मानसून से पहले दस्तक देती है। इसमें पशु को तेज बुखार, गले में सूजन और सांस लेने में भारी तकलीफ होती है। समय पर टीका न लगने से पशु की 24-48 घंटों के भीतर मृत्यु हो सकती है। विभाग की ओर से 4 माह से अधिक आयु के सभी गाय और भैंसों का नि:शुल्क टीकाकरण किया जाना है। इस अभियान पशुपालन विभाग की गांव-गांव जाकर घर-घर पशुओं को कवर करने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
-
:: पशुपालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं की टैगिंग करवाएं और टीकाकरण के समय प्राप्त ओटीपी को केवल अधिकृत कर्मचारी को ही दें, ताकि उनके पशुधन का स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित रहे। स्वस्थ पशु ही किसान की समृद्धि का आधार हैं।
- डॉ. सुखविंद्र सिहं, उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, फतेहाबाद।