भूना। दहमान गांव में ढाई महीने पहले हुई संदिग्ध मौत मामले में पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस केस में आरोपी रवींद्र उर्फ रवि निवासी कुलां को गिरफ्तार कर मोबाइल फोन बरामद किया है। दूसरा आरोपी सोनू अभी फरार बताया जा रहा है।
मृतक के भाई गरीबदास ने आरोप लगाया है कि जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर रामपाल ने पूरे मामले को दो महीने तक दबाए रखा और उच्च अधिकारियों को गुमराह किया। गरीबदास ने कहा कि यदि शुरू से निष्पक्ष जांच होती, तो आरोपी पहले ही सलाखों के पीछे होते। उन्होंने जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उधर, जांच अधिकारी रामपाल ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि प्रारंभ में किसी ने भी झगड़े या मारपीट की शिकायत नहीं दी थी। मृतक शराब के नशे में था, इसलिए मामला संदिग्ध मानकर पुलिस ने क्रमिक लेखांकन किया था।
मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद साक्ष्यों के आधार पर अब मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी बाकी है। भूना थानाध्यक्ष ओमप्रकाश बिश्नोई ने बताया कि 12 अगस्त 2025 को दहमान निवासी चांदीराम सिंह (55) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी।
मृतक के बेटे जोतराम ने मामले की सूचना पुलिस को दी थी। शव का पोस्टमॉर्टम एमएएमसी अग्रोहा में कराया गया था। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर पुलिस ने मामला संदिग्ध मानते हुए रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
मेडिकल और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद मामले ने नया मोड़ लिया। रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि मृतक के साथ मारपीट हुई थी। उसके सीने में गंभीर चोट लगी। चोट से उत्पन्न जटिलताओं और शराब के सेवन के कारण उसकी मौत हुई।
इस आधार पर पुलिस ने 26 अक्तूबर को दो आरोपियों रविंद्र और सोनू के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी रवींद्र उर्फ रवि को गिरफ्तार कर लिया है।