फतेहाबाद। जिले में लंपी पॉक्स संक्रमण के ग्रस्त दो और गायों की शनिवार को मौत हो गई। वहीं लंपी के 11 नए मामले सामने आए हैं। शनिवार को 24 पशु लंपी बीमारी से ठीक भी हुए हैं। वहीं जिले में पशुओं का रिकवरी रेट बढ़कर 88 फीसदी हो गया है। पशुपालन विभाग के निर्धारित टारगेट के अनुसार, अब तक 95 फीसदी पशुओं को लंपी की डोज लगाई जा चुकी है।
जिले में लंपी ग्रस्त पशुओं की संख्या का आंकड़ा बढ़कर 2497 हो गया है। राहत भरी बात यह है कि लंपी से 2196 पशु ठीक हो गए हैं। वहीं 301 पशुओं का अभी भी इलाज चल रहा है। जिले में शनिवार को लंपी के 11 नए मामले सामने आए और 24 पशु ठीक हुए हैं। लंपी से पशुओं के ठीक होने का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है और केस कम आ रहे हैं। अब तक 88 फीसदी पशु लंपी से रिकवर हो चुके हैं। जिले में शनिवार को लंपी ग्रस्त दो गायों की मौत हो गई। दोनों ही गायें भट्टूकलां क्षेत्र के गांवों से हैं। इनमें एक गाय की मौत गांव मेहूंवाला तथा दूसरी गाय की मौत गांव चुलीकलां में हुई है। जिले में अब तक लंपी से 130 गाय अपनी जान गवां चुकी हैं।
95 फीसदी पहुंचा वैक्सीनेशन का कार्य
जिले में शनिवार को 1400 पशुओं को लंपी बचाव के टीके लगाए गए। पशुपालन विभाग की ओर से एक लाख 10 हजार पशुओं को टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है और अब तक एक लाख चार हजार पशुओं को डोज लगा दी गई है। पशुपालन विभाग की ओर से वैक्सीनेशन का काम 95 फीसदी पूरा कर लिया गया है। विभाग के पास अब छह हजार डोज और बची हैं।
कोट
जिले में लंपी का प्रकोप निरंतर कम हो रहा है। अब तक 95 फीसदी पशुओं को वैक्सीन लगा दी गई है। लंपी के केस कम आ रहे हैं और पशुओं का रिकवरी रेट बढ़ रहा है। जल्द ही लंपी पर काबू पा लिया जाएगा।
-डॉ. सुखविंद्र, उपनिदेशक, पशुपालन विभाग।