कुल 20 हजार पेटी कम मिलने के बाद जिला आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों ने इसकी रिपोर्ट आबकारी विभाग के आयुक्त को भेजी। इसी दौरान सोनीपत जिले में भी गोदाम में शराब कम मिलने पर संज्ञान लेते हुए प्रदेश सरकार ने एसआईटी का गठन किया। एसआईटी ने यहां के डीसी व एसपी से रिपोर्ट मांगी। दोनों अधिकारियों ने यहां शराब कम होने को जानकारी देते हुए रिपोर्ट सरकार को भेज दी।
सोमवार को सरकार ने इसी मामले में डिस्कवरी सेल्स कंपनी पर 54 लाख 36 हजार 400 रुपये, श्री विनायक एसोसिएट्स पर 49 लाख 17 हजार 900 रुपये, विनायक एसोसिएट्स पर 8 लाख 70 का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना टैक्स से दो गुणा वसूला गया है। बता दें कि डिस्कवरी सेल्स कंपनी सिरसा के पूर्व विधायक मक्खन सिंगला व उनके परिवार की है जबकि श्री विनायक व विनायक एसोसिएट्स फतेहाबाद के पूर्व विधायक बलवान सिंह व उनके परिवार की हैं।
चार गुणा लगता है जुर्माना
आबकारी एवं कराधान विभाग के आयुक्त ने कुल 20 हजार 8 पेटी कम मिलने पर 1 करोड़ 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जो हरियाणा में निर्मित देसी शराब (आईएमएफएल) की 201 पेटी ज्यादा मिली थी, उसका जुर्माना लगाया जाना अभी शेष है। इस शराब पर टैक्स से चार गुणा जुर्माना लगता है। मालूम हो कि लॉकडाउन में शराब कम होने का मामला काफी चर्चा में रहा था।
विभाग ने 389 सैंपल जांच के लिए भेजे
पानीपत व सोनीपत में जहरीली शराब बिकने के बाद फतेहाबाद में आबकारी विभाग ने पिछले हफ्ते जिले के सभी शराब ठेकों से सैंपल लेकर हिसार जांच के लिए भेज दिए हैं। आबकारी आयुक्त वीके शास्त्री के अनुसार, विभाग ने 389 सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। इससे पूर्व एक अप्रैल से 10 नवंबर तक अवैध शराब के 295 मामले दर्ज किए हैं।
लॉकडाउन में 21, 22 व 23 अप्रैल को गोदामों की जांच की गई थी, जिसमें से शराब के तीन थोक विक्रेताओं के गोदामों से 10 हजार 505, 9503 देसी शराब की पेटियां व 456 बियर की पेटियां कम मिली थीं। इन पर एक करोड़ 12 लाख 23 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।- वीके शास्त्री, आयुक्त, आबकारी विभाग फतेहाबाद