फतेहाबाद। जिला लोक संपर्क एवं जन परिवाद समिति की मासिक बैठक लघु सचिवालय के बैठक कक्ष में बिजली मंत्री रणजीत सिंह की अध्यक्षता में होगी। जिला के लोगों की समस्या के निपटान के लिए होने वाली यह बैठक 6 माह बाद हो रही है। इससे पूर्व पिछली सरकार में राज्यमंत्री कृष्ण बेदी बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। अब इस सरकार के आने के बाद यह पहली बैठक होगी। बैठक में कुल 8 मामले समाधान के लिए रखे गए हैं जिनमें सभी पुराने मामले हैं। इसमें मुख्य रूप से भ्रष्टाचार व सरकारी अधिकारियों पर लापरवाही के मामले छाए रहेंगे। सबसे खास बात यह है कि प्रदेश सरकार ने अब तक समिति के लिए गैर सरकारी सदस्य की नियुक्ति नहीं की है। बिना सदस्यों की यह पहली बैठक होगी।
काफी समय से लंबित चला आ रहा सुशील बिश्नोई एडवोकेट का मामला फिर सुर्खियों में रहेगा जिसमें उसने 6 अक्तूबर 2017 को शिकायत दी थी कि फतेहाबाद के एसडीएम के अधीन पड़ने वाली ई-दिशा में किसानों से फर्द की एप्लीकेशन के लिए 10 रुपये प्रति पेज लिए जाते हैं। इसके अलावा पटवारी की फिर अलग से लेने के बाद भी फर्द नहीं मिलती। इस मामले की जांच एसडीएम कर रहे थे जिसमें उन्होंने इस बात को माना कि यह किसानों पर नाजायज बोझ है लेकिन इस शिकायत का आजतक समाधान नहीं हो पाया। इसके अलावा सुशील बिश्नाई आरटीआई की मार्फत टीआईटीएस संस्था का संविधान व तीन साल का ऑडिट मांगा, जिसमें सालाना 5 करोड़ के लगभग आमदनी दिखाई गई। ऑडिट में 7 लाख रुपये का इनोवा कार का डीजल व अन्य खर्च दिखाए गए। टीआईटीएस संस्था ने आरटीआई के तहत रिपोर्ट देने से मना कर दिया है। अभी तक ना तो किसानों से लिए जाने वाले चार्ज बंद किए है और न ही 7 लाख का हिसाब-किताब दिया है। यह मामला हर बार मीटिंग में चर्चा का केंद्र बिंदु बन जाता है। गांव गाजूवाला के किसान दलबीर सिंह ने अपनी शिकायत रखते हुए कहा है कि उसने अपनी ढ़ाणी में बने घर पर घरेलू कनेक्शन ले रखा है जिसमें बिजली रेगुलर नहीं चलती। विभाग के अनुसार उसने पूरे कागज व फीस जमा करवा दी है। सीएम विंडो व विभाग को लिखित शिकायत दे चुका है लेकिन फिर भी उसकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा। किसान के अनुसार सीएम विंडो पर उकलाना का एसडीओ गलत सूचना अपलोड कर रहा है। उसकी समस्या का समाधान करने की बजाय उसे प्रताड़ित किया जा रहा है। रतिया के जयकिशन ने बैठक में शिकायत रख कर रतिया की तत्कालीन थाना प्रभारी पुष्पा सिहाग सहित 28 लोगों पर शराब बेचने के आरोप लगाए हैं। जब उसने रोकने का प्रयास किया तो वह उससे झगड़ा करने लगे, जिससे उसकी पत्नी व बेटी मानसिक रुप से परेशान है। शिकायत वापिस लेने के लिए उसके मकान पर पत्थर फैंके जा रहे है उसको डराया जा रहा है। उसने वर्तमान थाना प्रभारी कपिल सिहाग से न्याय मांगा है लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही।