गांव भूथन कलां में लहराती लहसुन की फसल।
फतेहाबाद। राज्य सरकार मसालों की खेती को बढ़ावा देने के लिए लहसुन की फसल पर प्रति एकड़ 30,000 रुपये का अनुदान दे रही है। जिससे जिले के किसानों का लहसुन की खेती की ओर रुझान बढ़ रहा है।
ऐसे में जिला बागवानी विभाग द्वारा इस बार 400 एकड़ में लहसुन की बिजाई का लक्ष्य रखा है। जिसमें से लगभग लक्ष्य पूरा हो गया है। वहीं जिले में पिछली बार लहसुन का कुल रकबा 250 एकड़ था। जो कि इस बार 150 एकड़ बढ़कर 400 एकड़ तक पहुंच गया है। उन्नत किसान लहसुन की बेहतरीन किस्मों से अच्छा उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं।
30 हजार रुपये प्रति क्विंटल पहुंची कीमत
खेती कम होने के कारण इस बार लहसुन की कीमत बढ़कर 8 हजार से लेकर 30 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गई है। ऐसे में जिले के कुछ किसान जिन्होंने लहसुन की खेती की थी उनको अच्छा मुनाफा हुआ था। इसी कारण से किसानों का लहसुन की खेती की ओर रुझान बढ़ रहा है। लहसुन की खेती करने वाले किसान कुलदीप गांव भूथन कलां ने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से लहसुन की फसल की खेती कर रहे है। पिछले साल लहसुन के भाव में तेजी आने के कारण उसको प्रति एकड़ 5 लाख से अधिक का मुनाफा हुआ है। ऐसे में इस बार 5 एकड़ लहसुन की फसल की बुवाई की है। जो कि अभी तक काफी अच्छी है।
लहसुन की खेती पर प्रदेश सरकार के द्वारा प्रति एकड़ 30,000 रुपये की अनुदान राशि दी जा रही है। जिसके चलते किसानों का लहसुन की खेती के प्रति रुझान बढ़ा है। किसान लहसुन की खेती कर मात्र चार माह में ही प्रति एकड़ 5 से लेकर 8 लाख रुपये तक मुनाफा कमा सकते हैं।
-डॉ. श्रवण कुमार, जिला बागवानी अधिकारी, फतेहाबाद।