संडे को भी अब ट्रैफिक पुलिस ड्यूटी देगी। रविवार को पुलिस हर चौक चौराहे पर नजर आएगी। डीएसपी ट्रैफिक पुलिस ने एसएचओ ट्रैफिक को इस बारे में कड़े निर्देश जारी किए हैं। डीएसपी ने पूरे शहर की यातायात व्यवस्था को ठीक करने और नियम तोड़ने वालों के चालान करने के लिए कहा है।
पिछले सोमवार को अमर उजाला में प्रकाशित खबर ‘संडे हमारी छुट्टी है, टूटते रहे नियम’ प्रकाशित हुई थी। इसमें बताया गया था कि एक होमगार्ड पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को संभाल रहा है। इस खबर के प्रकाशित होने के बाद ट्रैफिक पुलिस हरकत में आई और आनन-फानन में डीएसपी ने बैठक बुलाकर एसएचओ बहादुर सिंह से जवाब मांगा और रविवार को भी ड्यूटी देने के आदेश दिए।
डीएसपी ने अमर उजाला को बताया कि शहर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की कमी से जूझ रहा है। होमगार्ड के जवान ट्रैफिक पुलिस के साथ लगाए गए हैं। चुनाव में कई पुलिस कर्मियों को इधर से उधर भेजा गया है। संडे को जहां तक ड्यूटी का सवाल है तो पुलिस की 24 घंटे ड्यूटी होती है तो संडे को क्यों नहीं पुलिस ड्यूटी देगी। सभी को आदेश दे दिए गए हैं।
ट्रैफिक नियमों का पालन कराने में कहीं न कहीं पुलिस की अहम भूमिका होती है। परंतु जब पुलिस वाले ही लापरवाही करेंगे तो हालात तो बिगड़ेंगे ही। जब पुलिस सख्ती दिखाएगी तो अपने आप स्थिति सुधरेगी और जब पुलिस वाले ही नियम तोड़ेंगे तो आम लोगों को कौन रूकेगा।
अमर उजाला की टीम ने मंगलवार और बुधवार को दो दिन शहर के अलग-अलग ट्रैफिक प्वाइंट का दौरा किया, जिसमें स्थिति पहले से काफी बेहतर दिखी। पुलिस वाले अपनी ड्यूटी करते नजर आए और नियम तोड़ने वालों के चालान काटे और कई को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। रेड लाइन तोड़ने वालों पर पुलिस ने सख्ती दिखाई और कई गाड़ियों को रूकवाकर दोबारा पीछे भेज दिया और भविष्य में नियम ने तोड़ने की चेतावनी दी।
शहर के एक मात्र रेड लाइट चौक पर रेड लाइट की स्थिति बेहद खराब है। ट्रैफिक को नियंत्रण करने के लिए लगाई गई रेड लाइन खराब पड़ी है। स्थिति यह है कि रेड लाइट तो जलती है पर हरी नहीं जलती जिससे वाहन चालकों को भ्रम होता है। वे नियम तोड़कर आगे बढ़ जाते हैं।
डीएसपी सत्यवीर श्योराण ने बताया कि शहर में सिर्फ 10 ट्रैफिक पुलिसकर्मी है। 10 होमगार्ड हैं। ये सब मिलकर ही ट्रैफिक व्यवस्था संभाल रहे हैं। चुनाव के कारण कई पुलिस कर्मचारियों को इधर से उधर किया गया है। ट्रैफिक पुलिसकर्मी के कम होने से स्थिति नहीं संभल पाती फिर भी पुलिस की यही कोशिश होती है कि यातायात नियम बने रहे। लोग अच्छे से उनका पालन करें।