फतेहाबाद। शहर के मुख्य रोड से लेकर गलियों में बेसहारा पशु घूम रहे हैं। पशुओं के कारण कई हादसे भी हो चुके हैं, जिसमें लोगों के चोटिल होने से लेकर मौत तक हो चुकी है। ये हालात तब है जब नगर परिषद अधिकारी दावा कर रहे हैं कि 550 पशु 6 माह में पकड़े जा चुके हैं। लेकिन फिर भी सड़कों पर बेसहारा पशुओं की भरमार है। करीब 1200 से 1500 पशु शहर की सड़कों पर घूम रहे हैं।
अधिकारी खुद मान रहे है कि पशु दोबारा आ रहे हैं लेकिन ये जवाब नहीं है कि कहां से आ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अब पहचान के लिए पशुओं की टैगिंग अनिवार्य की गई है। टैगिंग से पता चल सकेगा कि कौनसा पशु किस गोशाला या फिर नंदीशाला से छोड़ा गया है। अगर संबंधित नंदीशाला या फिर गोशाला का मिलता है तो उससे जवाब तलब हो सकता है।
920 रुपये प्रति पशु के हिसाब से दिया है ठेका
नगर परिषद ने बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए रेवाड़ी की एजेंसी को 920 रुपये प्रति पशु के हिसाब से ठेका दिया हुआ है। हालात ये है कि 10 से 15 दिन के अभियान के बाद नगर परिषद को एजेंसी को बार-बार फोन करके बुलाना पड़ रहा है।
रात के समय सड़क के बीच बैठ जाते है पशु
रात के समय बेसहारा पशु गलियों से निकलकर मुख्य सड़कों के बीच बैठ जाते हैं। जिससे दुर्घटना होने का भय बना रहता है। शहर के भट्टू रोड, हिसार-सिरसा रोड, बीघड़ रोड, जवाहर चौक में रात के समय पशु सड़क के बीच बैठे रहते हैं। अक्सर इनसे हादसा होने का भय बना रहता है।
नंदीशाला को सिर्फ डेढ़ लाख भुगतान
नगर परिषद बीघड़ रोड पर बनी नंदीशाला को डेढ़ लाख रुपये भुगतान करता है। नंदीशाला की राशि बढ़ाने को लेकर पार्षद प्रतिनिधि योगी हंसराज की बार पिछले दिनों हाउस बैठक में मुद्दा उठा चुके है लेकिन बढ़ोतरी नहीं की गई।
गली में खेल रहे बच्चे को पटका, मुद्दा बना तो टेंडर लगाया
पिछले साल अगस्त माह में जगजीवनपुरा मोहल्ला में गली में खेल रहे बच्चे को पशुओं को झुंड ने उठाकर पटका था। बच्चे के घायल होने के बाद पार्षदों ने मुद्दा बनाया था और टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई। करीब 6 माह में टेंडर सिरे चढ़ा था। इस साल फरवरी माह के अंत में एजेंसी को ठेका अलॉट किया गया।
पशु पकड़ने का सिर्फ ड्रामा हो रहा
सड़कों पर पशु घूम रहे हैं। इनसे हर समय हादसा होने का भय बना रहा रहता है। पशु पकड़ने का ड्रामा है। अब टैगिंग करवाने की बात कर रहे हैं लेकिन असलियत ये है कि टैगिंग वाले पशु भी घूम रहे हैं। इसको लेकर जल्द उच्च अधिकारियों से मिला जाएगा।
- मोहन लाल नारंग, पार्षद
शहर में बेसहारा पशुओं को पकड़ने का अभियान जारी है। पशुओं की टैगिंग भी की जा रही है। अगर टैगिंग किए पशु बाहर मिलते है तो संबंधित से जवाब तलब किया जाएगा। इस बारे में संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
- सुरेंद्र कुमार, ईओ नगर परिषद