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इस बरस विकास की 20 उम्मीदों को लगेंगे पंख

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फतेहाबाद का नागरिक अस्पताल, जहां पर डायलसिस सेंटर प्रस्तावित है। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। उम्मीदों और उल्लास से साथ नये साल 2020 का आगमन हो गया है। जिले की जनता भी सरकार से तोहफे की उम्मीद कर रही है। आइए हम बताते हैं कि आपको इस नये साल में क्या मिलने वाला है। स्वास्थ्य क्षेत्र हो या फिर शिक्षा का, परिवहन का मामला हो या पर्यटन का, हर क्षेत्र में फतेहाबाद जिले को साल 2020 से बहुत उम्मीदें हैं।
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1. स्वास्थ्य : स्वास्थ्य के क्षेत्र में फतेहाबाद की सबसे बड़ी सौगात नागरिक अस्पताल की नई इमारत का काम भी साल 2020 में शुरू होने की उम्मीद है। फतेहाबाद के सेक्टर-9 में साढ़े 14 एकड़ में प्रस्तावित इस अस्पताल की ड्राइंग चीफ आर्किटेक्ट के पास पहले भेजी जा चुकी थी, अब इसे बढ़ाकर साढ़े 19 एकड़ में करने की योजना है। सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल ये उम्मीद जताते हैं कि मार्च 2020 तक इस प्रस्ताव की अप्रूवल आ सकती है। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नागरिक अस्पताल की नई बिल्डिंग में 3 सौ बिस्तर की जगह होगी। इस इमारत की सबसे खास बात ही ये रहेगी कि इसी अस्पताल परिसर में ही चिकित्सकों के लिए विशेष कॉलोनी भी बनाई जाएगी ताकि उनको फतेहाबाद में ट्रांसफर होने पर निवास ढूंढने की परेशानी न हो।
2. डायलिसिस की सुविधा मिलेगी फतेहाबाद में
फिलहाल डायलिसिस की सुविधा के लिए फतेहाबाद के मरीजों को हिसार या रोहतक जाना पड़ता है। लेकिन साल 2020 ऐसे मरीजों के लिए वरदान बनकर आएगा। स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं। माना जा रहा है कि इस साल के मध्य तक नागरिक अस्पताल में डायलिसिस सेंटर बनकर तैयार हो जाएगा। जिसके बाद सामान्य दरों पर फतेहाबाद में ही डायलिसिस करवाया जा सकेगा।
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3. बस स्टैंड का काम लगभग पूरा, मार्च तक हो सकता है जनता को समर्पित
फतेहाबाद के हिसार रोड पर प्रस्तावित नया बस स्टैंड लगभग बनकर तैयार है और साल 2020 के मार्च माह तक ये जनता को समर्पित किया जा सकता है। हालांकि ये बस स्टैंड अपने निर्धारित समय से एक साल देरी से बना है। लेकिन इस साल ये बस स्टैंड जनता को समर्पित होने से शहर में ट्रैफिक का बोझ कम होगा।
4. 2020 में जिले को मिलेंगे 14 वेलनेस सेंटर
जिलेभर की 14 पीएचसी को अपग्रेड करके वेलनेस सेंटर बनाने की योजना है। इन सेंटरों पर अधिक स्वास्थ्य सेवाएं पब्लिक को मिलेंगी। अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध करवाया जाएगा। सिविल सर्जन डॉ. मनीष बंसल की मानें तो साल 2020 में जिले को कुल 14 वेलनेस सेंटर मिल जाएंगे।
5. वाटर टेस्टिंग लैब से हाथोंहाथ मिलेगी पानी की शुद्धता की रिपोर्ट
साल 2020 में फतेहाबाद शहर के लोगों के लिए एक और सौगात आएगी। जनस्वास्थ्य विभाग शहर में वाटर टेस्टिंग लैब शुरू करने जा रहा है। इस लैब के अस्तित्व में आने के बाद शहर के लोगों को पानी की शुद्धता की रिपोर्ट हाथोंहाथ मिल जाएगी। इससे पहले कोई लैब न होने के चलते कलर टेस्ट के जरिये पानी की शुद्धता मापी जाती थी जिसके रिजल्ट पर हमेशा संशय रहता था। इस लैब पर एक करोड़ की लागत आनी है।
6. शिक्षा : धांगड़ पॉलिटेक्निक को इंजीनियरिंग कॉलेज में बदलने की तैयारी
फतेहाबाद से 5 किलोमीटर की दूरी पर नेशनल हाईवे नौ पर स्थित धांगड़ पॉलिटेक्निक कॉलेज के भवन में अब इंजीनियरिंग कॉलेज शुरू करने की संभावना बढ़ गई है। मौजूदा दौर में पॉलिटेक्निक में ज्यादा एडमिशन नहीं आ रहे, ऐसे में इस नये बने भवन में इंजीनियरिंग कॉलेज चलाया जा सकता है। फतेहाबाद में स्थित एमएम कॉलेज पॉलिटेक्निक कॉलेज पहले बंद हो चुका है, ऐसे में धांगड़ पॉलिटेक्निक कॉलेज के इंजीनियरिंग कॉलेज में तब्दील होने की संभावना प्रबल हो चुकी है। इसके अलावा भूना में भी सरकारी कॉलेज का निर्माण शुरू कर दिया गया है जो साल 2020 की फरवरी में पूरा हो जाएगा।
7. बाईपास ने दी हैवी ट्रैफिक से राहत, शहर के अंदर संभालेगा बैंक स्कवायर
ट्रैफिक : पिछले पंद्रह सालों में फतेहाबाद शहर के अंदर ट्रैफिक समस्या काफी बढ़ गई है। एक-एक घर में दो-दो, तीन-तीन वाहन होने के चलते सड़कों पर ट्रैफिक का बोझ दोगुने से अधिक हो गया है। ऐसे में फतेहाबाद के गांव धांगड़ से शुरू होकर सिरसा रोड पर गांव अकांवाली तक बनाये गए फोरलेन-बाईपास से ट्रैफिक से निपटने में काफी सहायता मिली है। लगभग 13 सौ करोड़ की लागत से बने इस फोरलेन बाईपास के चलते अब भारी वाहनों और सीधा सिरसा-हिसार जाने वाले वाहनों को फतेहाबाद शहर में नहीं आना पड़ता। जिससे फतेहाबाद शहर पर ट्रैफिक का बोझ कम हुआ है। साल 2020 में फतेहाबाद शहर में बैंक स्कवायर बनाया जाना है। शहर के मुख्य रोड पर स्थित पुराने एसडीएम निवास की साढ़े 4 एकड़ जगह पर बैंक स्कवायर प्रस्तावित है। हालांकि इसमें अभी जमीन ट्रांसफर होने में समय लगेगा।
8. अब पुलिस के हाथ आया सीसीटीवी प्रोजेक्ट, शहर के अंदर सुरक्षा होगी मजबूत
फतेहाबाद शहर में पिछले एक-दो सालों में स्नेचिंग के अनेक मामले हुए हैं। आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस को हमेशा ही निजी संस्थानों के सीसीटीवी कैमरों की मदद लेनी पड़ती थी। लेकिन अब इस स्थिति से पार पाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पहले जिला प्रशासन नगर परिषद के मार्फत पूरे शहर को सीसीटीवी की रेंज में लाने की तैयारी कर रही थी, लेकिन इसमें ढिलाई बरती जा रही है। लेकिन अब ये प्रोजेक्ट सीधा पुलिस विभाग के हाथ आ गया है। शहर के अंदर 21 विभिन्न जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं। जल्द ही इस संदर्भ में टेंडर जारी होंगे।
9. पर्यावरण संरक्षण : परमाणु संयंत्र के करीब बनेगा वन्य प्राणी संरक्षित क्षेत्र, हिरण करते हैं विचरण
फतेहाबाद के गांव गोरखपुर में प्रस्तावित परमाणु संयंत्र के पास वन्य प्राणी संरक्षित क्षेत्र बनाने की कवायद भी साल 2018 में पूरा होने की प्रबल संभावना है। परमाणु संयंत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों के रहने के लिए बड़ोपल गांव की तकरीबन 180 एकड़ जगह का चयन रिहायशी क्षेत्र बनाया जाना था। लेकिन पर्यावरण प्रेमियों के प्रयासों एवं एनजीटी के आदेशों के चलते रिहायशी कालोनी को यहां से अग्रोहा शिफ्ट कर दिया गया और बड़ोपल की 180 एकड़ जगह को वन्य जीवों के संरक्षण के लिए फाइनल कर दिया गया है। बिश्नोई बहुत इस क्षेत्र में काले हिरण, चिंकारा प्रजाति के हिरण सामान्यत: पाये जाते हैं।
10. सीवरेज : बेहतर होगी शहर में जलनिकासी
बारिश के दिनों में अक्सर शहर के अनेक इलाकों में जलभराव की स्थिति हो जाती है। इसके पीछे दशकों पुराना कमजोर सीवरेज सिस्टम एक बड़ी वजह रहा है। साल 2020 में जनस्वास्थ्य विभाग फतेहाबाद शहर को इस समस्या से निजात दिलाने की तैयारी कर रहा है। शहर के कई हिस्सों में बड़ी सीवरेज लाइन के साथ साथ चिल्ली के पास इकट्ठे होने वाले पानी को विभिन्न मोटरों की मदद से एसटीपी की ओर मोड़ा जा रहा है। बारिश और सीवरेज के पानी का ट्रीटमेंट कर उस पानी को खेतों में सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।
11. परंपरा से हटकर खेती, शहद और अमरूद के प्रोसेसिंग प्लांट ने रखा उदाहरण
इस आने वाले साल में क्षेत्र के किसानों द्वारा परंपरा से हटकर खेती के और उदाहरण सामने आने की संभावना है। परंपरागत गेहूं व धान से हटकर किसान अब बागवानी, शहद और विभिन्न फलों के प्रोसेसिंग प्लांट को बारे में गंभीरता से विचार करने लगे हैं। साल 2019 में कई किसानों ने इस उदाहरण को सामने रखा है। सबसे अहम बात ये है कि ये किसान अपनी खेत की उपज को ऑनलाइन ही बेच देते हैं जिससे उनको मंडी तक लाने का जोखिम भी नहीं उठाना पड़ रहा है।
12. उद्योग :
फतेहाबाद मुख्य रूप से कृषि आधारित अर्थव्यवस्था वाला जिला है। ऐसे में यहां पर लगे उद्योग भी कृषि आधारित ही हैं। फतेहाबाद जिला प्रदेश में बासमती चावल के बड़े निर्यातकों में शामिल हैं। फतेहाबाद जिले के टोहाना से सरना इंडस्ट्रीज व फतेहाबाद की जिंदल इंडस्ट्रीज का बासमती चावल वाया गुजरात होते हुए दुबई, अमेरिका, इंग्लैंड व अरब देशों में ऑन डिमांड भेजा जाता है। इसी वजह से ये दोनों इंडस्ट्रीज किसानों से सरकार द्वारा निश्चित किए जाने वाले न्यूनतम समर्थन मूल्य से अधिक कीमत पर धान खरीदकर किसानों को दोहरा फायदा भी पहुंचाते हैं।
13. परिवहन :
परिवहन के क्षेत्र में भी इस बार फतेहाबाद जिला काफी संभावनाएं मानकर चल रहा है। टोहाना विधायक एवं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने रेलमंत्री पीयूष गोयल से मिलकर जाखल आरओबी और जमालपुर फाटक पर ओवरब्रिज बनाने की मांग रखी थी। माना जा रहा है कि रेलमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया था कि जल्द ही इन मांगों पर काम शुरू हो जाएगा। टोहाना और जाखल वासी मानकर चल रहे हैं कि साल 2020 में उनकी इन दो बहुप्रतीक्षित मांगों पर काम पूरा हो जाएगा।
14. पर्यटन :
पर्यटन की दृष्टि से भी आने वाला नया साल फतेहाबाद के लिए सौभाग्यशाली हो सकता है। फतेहाबाद वासियों की बहुप्रतीक्षित मांग चिल्ली के सुंदरीकरण का काम लगभग शुरू होने को है। नगर परिषद प्रशासन ने यहां इकट्ठे होने वाले गंदे पानी को अब निकाल दिया गया है और इसकी खुदाई का काम भी हो चुका है। अभी इसके चारों ओर रास्ता पक्का किया जा रहा है ताकि चिल्ली झील के चारों ओर लोगों को मार्निंग वॉक का मौका देकर सुखना झील जैसा माहौल तैयार किया जा सके।
15. टोहाना बाईपास :
फतेहाबाद शहर में बाईपास बनकर तैयार हो चुका है। इसके बाद टोहाना में भी सीएम मनोहर लाल ने बाईपास बनाने का एलान किया था। इसके लिए कागजी कार्रवाई पूरी की जा चुकी है। किसानों से जमीन के बाबत भी बात हो चुकी है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला की मानें तो साल 2020 में इस पर काम पूरा भी हो सकता है।
16. बस अड्डा :
टोहाना का मौजूदा बस अड्डा बारिश के दिनों में झील की शक्ल अख्तियार कर लेता है। इसके पीछे मुख्य कारण इसका सड़क से तकरीबन चार से छह फुट तक नीचा होना है। ऐसे में ट्रैफिक के दबाव को कम करने और इस समस्या से निजात दिलाने के लिए बाईपास पर ही नया बस अड्डा बनाया जाना है। बाईपास का रूट फाइनल होने का प्रोसेस अपने अंतिम चरण में है। ऐसे में संभावना जताई जा सकती है कि साल 2020 में टोहाना के नये बस अड्डे का निर्माण भी शुरू हो जाए।
17. खेल स्टेडियम :
टोहाना में खेल स्टेडियम के रास्ते की सबसे बड़ी अड़चन जमीन की थी जो अब तहसील कार्यालय द्वारा पूरी करवा दी गई है। ऐसे में पूरी संभावना है कि साल 2020 टोहाना के खिलाड़ियों के लिए खेल स्टेडियम की सौगात ले आये। इस स्टेडियम के अस्तित्व में आने के बाद टोहाना और आसपास के गांवों के खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का एक मंच मिलेगा।
18. रेलवे लाइन :
फतेहाबाद को रेल लाइन से जोड़ने की बहुप्रतिक्षित मांग की दिशा में आने वाले साल में एक कदम और आगे बढ़ सकते हैं। सांसद सुनीता दुग्गल की मानें तो अग्रोहा-फतेहाबाद रेल लाइन के लिए चार सौ करोड़ से अधिक की राशि सेंशन हो चुकी है। इसके लिए सर्वे का काम साल 2020 में शुरू होने की संभावना बन रही है।
19. बलियाला हेड बनेगा टूरिज्म हब
टोहाना के बलियाला हेड को टूरिज्म हेड बनाने की तैयारी शुरू की जा चुकी है। इस टूरिज्म हेड के बनने से लैंडस्केप, स्वीमिंग पुल, जॉगिंग ट्रैक, साइकिल ट्रैक व ओरनामेंटल पुल का निर्माण किया जाएगा। इसका शिलान्यास पिछले साल कर दिया गया है। टेंडर भी लगाया जा चुका है। ऐसे में उम्मीद है कि साल 2020 में इस पर काम शुरू हो जाएगा।
20. इस साल जेल निर्माण का काम भी शुरू होने की उम्मीद
सालों से फतेहाबाद में जेल प्रोजेक्ट बाट जोह रहा है। कई बार इसके लिए जगह देखी जा चुकी है, लेकिन किसी भी जमीन पर सहमति नहीं बनी। ऐसे में माना जा रहा था कि ये प्रोजेक्ट लंबा लटक सकता है, लेकिन पिछले दिनों फतेहाबाद आए जेल मंत्री रणजीत सिंह ने साफ कर दिया है कि फतेहाबाद में जेल प्रोजेक्ट को जल्द पूरा किया जाएगा और इसके लिए आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी की जाएंगी। ऐसे में उम्मीद है कि साल 2020 में जेल के लिए जगह सहित कई महत्वपूर्ण चरण शुरू हो जाएंगे।
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