भट्टूकलां थाना प्रभारी ओमप्रकाश पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। वीरवार को चार लोग अलग-अलग शिकायतें लेकर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार से मिलने पहुंचे। सभी की शिकायत यही है कि ओमप्रकाश चुघ उन्हें प्रताड़ित करके रुपये ऐंठना चाहते हैं। एक शख्स ने पंद्रह हजार रुपये देने का भी आरोप लगाया है। पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि मामले की जांच डीएसपी से करवाई जाएगी। यदि आरोप सही पाए गए तो एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई होगी। हालांकि एसएचओ ने आरोपों को बुनियाद बताया है।
बता दें कि भट्टूकलां के दर्जी रमेश कुमार ने शिकायत दी है कि उससे ओमप्रकाश चुघ ने सफारी सूट सिलवाया था। कपड़ा भी उसने खुद लगाया था। कपड़े समेत 3 हजार रुपये सिलाई बनती है। मगर थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने रुपये देने से मना कर दिया। उसने 28 फरवरी 2021 को थाने में शिकायत दी। इसके बाद 15 मार्च को सीएम विंडो में शिकायत दी। उसे धमकाया जा रहा है। वहीं भट्टूकलां के महिपाल ने शिकायत में बताया कि वह 10 जून को खेत में जा रहा था। रास्ते में ओमप्रकाश ने नाका लगा रखा था। ओमप्रकाश ने उसे रोक लिया और कहा कि तूं सट्टे का काम करता है। यह कहते हुए मोबाइल छीन लिया। उसके बाद से थाना प्रभारी लगातार धमकी दे रहे हैं कि तुझ पर सट्टे का केस बनाऊंगा।
पीड़िता ने लगाया धमकाने का आरोप
भट्टूकलां की रहने वाली प्रमीला ने शिकायत दी है कि वह गांव खुंबर ब्याही हुई है। उसके पति ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। उसने थाने में शिकायत दी। मगर थाना प्रभारी ओमप्रकाश चुघ उन्हें डरा धमका रहे हैं। उसकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की। दूसरे पक्ष से मिले हुए हैं। आरोप है कि हमें ही झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।
डेढ़ लाख मांगे, 15 हजार दे दिए
बनगांव निवासी राय सिंह ने शिकायत दी है कि उसके बेटे को अपहरण के एक झूठे केस में फंसाया गया है। उसने थाना प्रभारी से बात की और कहा कि मामले की जांच कर उसके बेटे का नाम निकाला जाए। थाना प्रभारी ने उससे 1.50 लाख रुपये मांगे। फिलहाल उसने 15 हजार रुपये दिए हैं। अभी और रुपयों की मांग की जा रही है।
कोट
मेरे पास शिकायतें आ चुकी हैं। इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी। इसके अलावा थाना प्रभारी पर लगे आरोपों की भी अलग से जांच करवाई जाएगी। यदि आरोप सही पाए गए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-राजेश कुमार, पुलिस अधीक्षक।