कोरोना संक्रमण बेशक कम हो गया है लेकिन पोस्ट कोविड मरीजों के लिए दर्द अभी कम नहीं रिकवर नहीं हुए हैं। पोस्ट कोविड मरीजों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है। इसके साथ-साथ खांसी की भी समस्या हो रही है। अस्पताल में अन्य बीमारियों की ओपीडी भी बढ़ गई है। पहले जहां 550 तक ओपीडी थी अब वह 750 तक पहुंच गई है। शिशु रोग विशेषज्ञ, चर्म रोग विशेषज्ञ, मनोरोग विशेषज्ञ तथा फिजिशियन की ओपीडी में इजाफा हुआ है।
फिजिशियन के पास रोजाना 70 से 80 पोस्ट कोविड मरीज पहुंच रहे हैं और सांस लेने में तकलीफ बता रहे हैं। जांच में 75 फीसदी मरीजों के फेफड़े कमजोर मिल रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक कोरोना की चपेट में आने के बाद सबसे ज्यादा फेफड़ों पर पड़ा है और अभी तक रिकवर नहीं हो पाए हैं। ये ही कारण है कि खांसी की भी समस्या बढ़ी है।
वायरल के मरीज बढ़े, लेकिन कोरोना संक्रमित नहीं
अस्पताल में वायरल मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। रोजाना 30 से 40 मरीज वायरल के आ रहे है। फिजिशियन डॉ. मनीष टुटेजा का कहना है कि सावधानी न बरतने पर वायरल किसी भी मौसम में हो सकता है। राहत की बात यह है कि कोरोना जांच में ये निगेटिव मिल रहे है।
बच्चों में डायरिया की समस्या बढ़ी, रोजाना 50 से 60 बच्चे पहुंच रहे
गर्मी बढऩे के साथ बच्चों में डायरिया की समस्या बढ़ी है। बच्चों को उल्टी और दस्त लगने की समस्या हो रही है। रोजाना ओपीडी में 50 से 60 बच्चे इसी समस्या को लेकर आ रहे है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों को गर्मी जल्द लगने की आशंका रहती है। इसके चलते गर्मी के बीच बच्चों को लेकर बाहर न निकलें। पानी ज्यादा से ज्यादा पीएं। इसके अलावा ओआरएस का घोल देते रहें।
गर्मी में चर्मरोगी भी बढ़े, एलर्जी की समस्या बढ़ी
नागरिक अस्पताल में रोजाना 80 से 90 मरीज चर्म रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में आ रहे है। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीत का कहना है कि गर्मी में पसीने आने के कारण एलर्जी की समस्या बढ़ रही है। इसके अलावा पोस्ट कोविड मरीज भी त्वचा पर एलर्जी की समस्या लेकर आ रहे है। ऐसे मरीजों की त्वचा पर दाने होने और खारिश की समस्या हो रही है।
नागरिक अस्पताल में स्थिति
डॉक्टरों के स्वीकृत पद : 42
कार्यरत : 22
पहले ओपीडी : 300 से 350
अब ओपीडी : 725 से 750
ब्लड सैंपल लैब में लाइनें, मिल रही वेटिंग
नागरिक अस्पताल के ब्लड सैंपल लैब में मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। यहां पर साढ़े 11 बजे तक ही सैंपल लिए जाते है इसके बाद ब्लड सैंपल नहीं लिए जाते है। इसके बाद आने वाले मरीजों को वापस भेजा जा रहा है।
कोट
ओपीडी में वायरल मरीजों की संख्या बढ़ रही है। कोरोना टेस्ट करवाया जा रहा है जो कि निगेटिव ही आ रहा है। ये किसी भी मौसम में हो सकता है। लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी पोस्ट कोविड मरीजों को लेकर है। इन मरीजों की संख्या बढ़ रही है, क्यों कोरोना के कारण फेफड़ों पर असर पड़ा है इसके चलते मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
डॉ. मनीष टुटेजा, फीजिशियन, नागरिक अस्पताल।