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जोहड़ की जमीन से कब्जा हटवाने को लेकर एसडीएम व अन्य अधिकारियों के साथ हुई गहमा-गहमी

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एसडीएम व अन्य अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखते ग्रामीण। - फोटो : Fatehabad
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भूना। गांव दहमान में बारिश के गंदे पानी की निकासी को लेकर मंगलवार को भी तनावपूर्ण हालात बने रहे। एसडीएम राजेश कुमार के नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारी पूरे दिन मौके पर डटे रहे। वहीं मंगलवार को प्रशासन ने बारिश के पानी को गांव से निकालना शुरू कर दिया।
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दरअसल, दहमान के लोग गांव के एक प्रभावशाली व्यक्ति द्वारा अंजूवाला जोहड़ की पौने छह एकड़ जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगा रहे थे। ग्रामीण पानी की निकासी से पहले पौने सात एकड़ में जोहड़ की खोदाई शुरू करने की जिद्द करते रहे। मगर प्रशासनिक अधिकारी ड्रेन खोदाई के बाद पंपसेट के माध्यम से पानी निकालने को प्राथमिकता देते रहे। इस कारण ग्रामीणों ने अधिकारियों के खिलाफ जमकर हंगामा किया और प्रभावशाली कब्जाधारी से मिलीभगत के आरोप लगाए। पूर्व विधायक प्रह्लाद सिंह गिलाखेड़ा ने भी दहमान में पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समर्थन दिया।
सोमवार को बना लिए थे अधिकारी बंधक, इसलिए पहुंचा प्रशासनिक अमला
दरअसल, सोमवार देर रात को बीडीपीओ व एसईपीओ को बंधक बना लिया गया था। इसलिए मंगलवार को एसडीएम राजेश कुमार, बीडीपीओ नरेंद्र सिंह, सिंचाई विभाग के मेकेनिकल विंग के एसडीओ एमपी जागलान, एसईपीओ नरेंद्र कुंडू, जेई राजपाल कादयान, लोक निर्माण विभाग के जेई मोनू पूनिया, ग्राम सचिव जयपाल सिंह व थाना अध्यक्ष कपिल सिहाग पूरे दलबल सहित मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने एक बार प्रशासनिक अधिकारियों की घेराबंदी कर ली थी। मगर थाना अध्यक्ष ने सूझबूझ से काम लेकर मामले को शांत करवाया। एसडीएम ने ग्रामीणों को सर्वप्रथम बारिश के गंदे पानी को गांव से बाहर निकालने के प्रयासों में प्रशासन की मदद करने के लिए आह्वान किया। मगर ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक अंजूवाला जोहड़ से कब्जा नहीं हटेगा तब तक अधिकारियों की कोई बात नहीं सुनेंगे।
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एसडीएम ने मौके पर जाकर देखा कब्जा
इसके बाद एसडीएम के नेतृत्व में प्रशासनिक अधिकारियों ने उपरोक्त कब्जा वाली जोहड़ की जमीन का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। एसडीएम व बीडीपीओ ने कब्जाधारी व्यक्ति से बातचीत की और उन्हें तुरंत जमीन को खाली करने के आदेश दिए। कब्जाधारी ने एसडीएम को लिखित में दिया कि उसने पंचायत या जोहड़ की जमीन पर कोई कब्जा नहीं किया है। प्रशासन जब चाहे अंजूवाला जोहड़ की जमीन अपने अधीन कर सकता है। ग्रामीणों को लिखित पत्र दिखाने व जोहड़ की खोदाई शुरू करने के बाद दहमान में विवाद समाप्त हुआ।
पूरे जोहड़ की खोदाई हो, तभी होगा समस्या का स्थायी समाधान
दहमान के निवर्तमान सरपंच प्रतिनिधि शेर सिंह, पूर्व सरपंच राजेंद्र सिंह, सतबीर सिंह, आत्माराम, सुभाष चंद्र, राजेंद्र सिंह, सुरेश कुमार, बलजीत सिंह, नरेंद्र सिंह, कृष्ण कुमार व रामकुमार आदि ने बताया कि अंजूवाला जोहड़ की पौने 7 एकड़ में खोदाई हो गई तो बारिश के पानी का स्थायी समाधान हो जाएगा। इसलिए ग्रामीण बार-बार अधिकारियों के सामने गुहार लगा रहे थे। मगर कुछेक अधिकारी कब्जाधारियों से मिले हुए थे। इस कारण गांव में विवादास्पद माहौल बन गया।
मंगलवार को गांव की आबादी के बीच बारिश के गंदे पानी की निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम शुरू कर दिया गया है। सिवानी-दहमान रोड पर अंजूवाला जोहड़ तक ड्रेन खुदाई की जा चुकी है। गांव से बारिश का पानी निकालने का काम जारी है।
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राजेश कुमार, एसडीएम, फतेहाबाद
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