फतेहाबाद। निर्माण मजदूरों की मांगों को लेकर भवन निर्माण श्रमिक संघ हिसार मंडल संबंधित एटक द्वारा शुक्रवार को फतेहाबाद में रोष-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन करते हुए मजदूर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन सौंपा गया। इस प्रदर्शन में निर्माण मजदूरों ने भारी संख्या में भाग लिया और जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन से पूर्व निर्माण मजदूर दीनदयाल पार्क में एकत्रित हुए और सभा का आयोजन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व राज्य प्रधान विक्रम सिंह ने किया तथा संचालन राज्य महासचिव विनोद दड़ौली ने किया। मजदूर नेताओं ने कहा कि निर्माण मजदूरों की लंबित मांगों के समाधान को लेकर संगठन लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की उदासीनता के चलते मजदूरों को कोई भी सुविधा समय पर नहीं मिल रही है। सरकार मजदूरों के कल्याण को लेकर बड़े-बड़े दावे कर उनके साथ मजाक कर रही है। भाजपा सरकार पिछले दस वर्षों से श्रमिक कल्याण बोर्ड के पैसों पर कुंडली मारकर बैठी हुई है। गलत आपत्तियां लगाकर मजदूरों को उनको मिलने वाले लाभ से वंचित किया जा रहा है।
भवन निर्माण श्रमिक संघ कई बार श्रम मंत्री तथा बोर्ड के अधिकारियों व उपायुक्त को ज्ञापन देकर मजदूरों की मांगों को पूरा करने व बोर्ड में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की गुहार लगा चुका है, लेकिन इसको लेकर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सरकार की अनदेखी के कारण निर्माण मजदूर धक्के खाने को मजबूर हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार की उपेक्षा के कारण मजदूरों में भारी रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कॉरपोरेट घरानों के हक में श्रम कानून बना रही है। मजदूरों का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। रोजाना कार्यस्थलों पर मजदूर काल का ग्रास बन रहे हैं, जिनको पंजीकरण के अभाव में कोई लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि जिला में कई महीनों से बोर्ड के अधिकारियों के पद खाली पड़े हैं। जिला में कोई भी अधिकारी वर्क स्लीप वेरिफाई नहीं कर रहा है, जिसके चलते जिले के मजदूर धक्के खाने को मजबूर हैं। श्रम कल्याण बोर्ड में मजदूरों की सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार की लगातार अनदेखी की वजह से मजदूरों के सामने आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है।
इस मौके पर भवन निर्माण राज्य प्रधान विक्रम सिंह, राज्य महासचिव विनोद दड़ौली, रोडवेज प्रधान राजू बिश्नोई, सहदेव रोडवेज, जिला महासचिव धर्मवीर सिंह, राज्य सचिव सुनील मैडल, जिला प्रधान वजीरचंद, मान सिंह, पवन कुमार सुलीखेड़ा, जयनारायण खाबडा, सौरव फतेहाबाद, राजेश चौबारा भी मौजूद रहे।