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Fatehabad News: विकास के लिए कुलां को खंड बनाने की दरकार

Mon, 28 Oct 2024 11:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद। गांव कुलां जिला मुख्यालय व उपमंडल को जाने वाले प्रमुख मार्ग पर स्थित है। कुलां ग्राम पंचायतों में शामिल हैं, परंतु वर्तमान में यह कस्बे में तब्दील हो चुका है। देरी है तो बस कागजों में इसे खंड का दर्जा घोषित करने की।
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24 गांवों का राजस्व संबंधी कार्यभार कुलां उप तहसील पर है। वहीं अकेले कुलां गांव की जनगणना भी पांच हजार से अधिक है। कुलां को खंड बनाने की मांग को लेकर खंड स्तर से लेकर राज्य के शीर्ष जनप्रतिनिधियों एवं नेताओं को मांग पत्र देने सहित सामाजिक संगठन आंदोलन की राह भी अपना चुके हैं, लेकिन अभी तक इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। मुख्य चार मार्गों के केंद्र में स्थित कुलां ग्राम पंचायत को खंड बनाने की मांग लंबे समय से उठ रही है।
कुलां को खंड का दर्जा देने की मांग को लेकर क्षेत्र की 24 ग्राम पंचायतों सहित ग्रामीणों द्वारा हस्ताक्षर करके मांगपत्र कैबिनेट मंत्री रहे देवेंद्र सिंह बबली को सौंपा गया था। वहीं, किसान संगठन द्वारा भी उक्त मांग को लेकर प्रदर्शन का रुख अख्तियार किया गया है। बता दें कि इसे लेकर माकपा द्वारा कुलां सब तहसील कार्यालय पर धरना प्रदर्शन भी किया गया था। उस दौरान कुलां को खंड बनाने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया था।
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लंबे समय से उठ रही है मांग
बता दें कि पिछले लंबे समय से कुलां को खंड का दर्जा देने की मांग ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा की जा रही है। जिसके लिए क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों द्वारा करीब छह वर्ष पूर्व उस समय राज्य सरकार के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला को ज्ञापन सौंप कर मांग की थी। तब से लेकर आजतक ये मांग अनवरत जारी है। व्यापारिक दृष्टिकोण से कुलां क्षेत्र में दर्जनभर राइस मिल, घी व प्लाई उद्योग भी संचालित है। वहीं, यातायात की दृष्टि से कुलां गांव राज्य राजमार्गों के बीच स्थित है। कुलां में सरकारी व सहकारी बैंक, उपतहसील कार्यालय, पुलिस चौकी, बारहवीं कक्षा तक का सरकारी स्कूल, अस्पताल, मिट्टी पानी जांच लैब व बिजली की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।


खंड बनने से मिलेगी बड़ी राहत
खंड संबंधित कार्यों के लिए क्षेत्र के ग्रामवासियों को टोहाना जाना पड़ता है। यदि यह मांग पूरी होती है तो आसपास गांव के लोगों को राहत मिलने के साथ ही दूसरे खंड का कार्य बोझ भी कम हो सकेगा। ग्राम सचिवों को भी ग्राम पंचायत कार्यों के लिए गांवों में जाकर कार्य करना पड़ रहा है। यदि कुलां में बीडीपीओ खंड कार्यालय स्थापित किया जाता है तो प्रशासनिक अधिकारियों को भी परेशानियों से राहत मिल सकेगी।

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खंड बनाने की मांग में हो रही राजनीति
बीते समय में टोहाना विस क्षेत्र का ये सौभाग्य रहा है कि यहां के जनप्रतिनिधि सरकार में शीर्ष पदों पर रहे हैं। तत्कालीन गठबंधन सरकार में यहां से तीन नेताओं की सरकार में भागीदारी थी। इसके बावजूद कुलां को खंड बनाने की मांग राजनीति की भेंट चढ़ी दिखाई दी। ऐसा इसलिए चूंकि तीन नेता सरकार में शीर्ष पदों पर होने के बावजूद भी इस मांग पर कोई अमल नहीं किया गया। टोहाना के नवनिर्वाचित विधायक परमवीर सिंह द्वारा पूर्व में ये दावा किया गया था कि उनकी सरकार बनने पर कुलां को खंड बनाने की मांग को प्राथमिकता से पूरा किया जाएगा। मगर अब परमवीर सिंह स्वयं तो विधायक बन चुके हैं, लेकिन राज्य में कांग्रेस सत्ता में नहीं आ सकी है। ऐसे में अब विधायक परमवीर सिंह विधानसभा में ये मुद्दा उठा कर खंड बनाने की मांग परवान चढ़वा पाते हैं या नहीं यह भविष्य के गर्भ में है।

पहले भी रखी जा चुकी मांग
बता दें कि सुभाष बराला के सरकार में प्रदेशाध्यक्ष के पद पर आसीन होने के दौरान भी क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों द्वारा खंड बनाने की मांग उनके समक्ष रख गई थी, लेकिन सिवाय आश्वासन के इस सूरत में कोई कदम नहीं उठाया गया है। हालांकि, विधायक परमवीर सिंह द्वारा क्षेत्रवासियों को कुलां को खंड बनाने के लिए आश्वस्त किया गया है, परंतु बीते समय में यहां के नेता सरकार में शीर्ष पदों पर रहने के बावजूद भी कुलां को खंड बनाने की मांग अधूरी है।

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:: वर्तमान समय में कुलां गांव शहरों से कम नहीं है। इसके बावजूद यहां खंड की कमी खल रही है। यहां पूर्ण रूप से विकास को गति मिलने की संभावनाएं तभी जागृत हो सकती है, जब शासन इसे अलग से खंड का दर्जा घोषित करें।
-अमन एडवोकेट, अध्यक्ष, राइस मिल यूनियन, कुलां।

कुलां में विभिन्न तरह की सरकारी व गैर सरकारी सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में कुलां को खंड बनाना उचित है। टोहाना से अब कांग्रेस के परमवीर सिंह विधायक निर्वाचन हुए है, ऐसे में उम्मीद है कि वो इसमें रुचि लेकर कुलां को खंड का दर्जा दिलाने का हरसंभव प्रयास करेंगे।
-गोपाल सिंह, ग्रामीण, गांव नन्हेड़ी।

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समीपवर्ती क्षेत्र में रहने वाले लोगो को खंड मुख्यालय पहुंचने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। खंड मुख्यालय बनने के लिए लगभग सभी सुविधाएं कुलां में उपलब्ध हैं। ऐसे में कुलां को खंड बनाना उचित है।
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-सतपाल सिंह, ग्रामीण, गांव इंदाछोई।
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