फतेहाबाद। सरकारी स्कूलों में मिड डे मील सिर्फ कागजों में ही गैस चूल्हे पर तैयार हो रहा है। जमीनी हकीकत यह है कि स्कूलों में तैनात कुक लकड़ी के चूल्हे पर ही मिड डे मील बनाने को मजबूर हैं। गैस सिलिंडर की सुविधा होने के बावजूद कुक को धुएं में परेशान होना पड़ रहा है।
यहां तक कि सर्दी और बारिश के दिनों में तो परेशानी और ज्यादा बढ़ रही है। वजह है कि गैस सिलिंडर तो है लेकिन भट्ठी नहीं है। भट्ठी न होने के कारण कुक विद्यार्थियों के लिए चूल्हे पर ही मिड डे मील तैयार कर रही हैं। कई जगह हालात ये है कि भट्ठी न होने के चलते गैस सिलिंडर गायब हो चुके हैं। इसके अलावा कई जगहों पर शिक्षकों के लिए चाय बनाने में सिलिंडर का प्रयोग हो रहा है।
फतेहाबाद के एक प्राइमरी स्कूल की एक कुक ने बताया कि यहां तो दो-दो सिलिंडर थे, लेकिन एक का तो पता ही नहीं कहां चला गया। उन्हें मजबूरी में लकड़ियों के सहारे मिड डे मील तैयार करना पड़ रहा है। धुंध और बारिश के दौरान लकड़ियां गीली हो जाती हैं इसके चलते उन्हें खाना तैयार करने में दिक्कत होती है।
- आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिलता है मिड डे मील
शिक्षा विभाग की तरफ से कक्षा पहली से लेकर आठवीं तक के विद्यार्थियों को मिड डे मील दिया जाता है। इसको लेकर शिक्षा विभाग की तरफ से कुकिंग कोस्ट भी जारी की जाती है। विभाग ने मिड डे मील को लेकर अलग-अलग शेड्यूल तय किया हुआ है।
-जिले में इन विद्यार्थियों को मिलता है मिड डे मील
कक्षा विद्यार्थी
बालवाटिका 3811
पहली 4396
दूसरी 4302
तीसरी 6713
चौथी 8922
पांचवीं 9151
छठी 9072
सातवीं 9732
आठवीं 10407
- रोटी बनाने के लिए मशीनें दी जाएं
कई स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या ज्यादा है। भट्ठी भी नहीं है, इसके चलते रोटी-सब्जी बनाने में दिक्कत होती है। शिक्षा विभाग को चाहिए कि स्कूलों में रोटी बनाने की मशीनें दी जाए ताकि खाना आसानी से और जल्द तैयार हो सके।
- देवेंद्र सिंह दहिया, राज्य चेयरमैन, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ।
- स्कूलों में गैस चूल्हे पर मिड डे मील तैयार करने के निर्देश दे रखे हैं। अगर कहीं दिक्कत आ रही है तो समाधान करवाया जाएगा।
- वेद सिंह दहिया, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद।