फतेहाबाद। जिला मुख्यालय के नागरिक अस्पताल को विशेषज्ञ मिल चुके हैं लेकिन मशीनें न होने के कारण मरीजों को ऑपरेशन की सुविधा नहीं मिल पा रही है। नागरिक अस्पताल में हड्डी रोग और जनरल सर्जन की ओपीडी शुरू हो चुकी है लेकिन विशेषज्ञ मशीनें न होने के चलते ऑपरेशन शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
हालांकि जनरल सर्जन ओपन ऑपरेशन कर रहे है लेकिन लैप्रोस्कॉपी मशीन हिसार से आने के बाद पार्ट्स अधूरे होने के कारण दूरबीन ऑपरेशन शुरू नहीं हो पा रहे हैं। हड्डियों संबंधित ओपीडी की सुविधा है लेकिन ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। वजह ये है कि सी-आर्म मशीन है। इसकी एक साल से डिमांड हो रही है।
अस्पताल प्रशासन मुख्यालय को मांग भी भेज भी चुका है, लेकिन मुख्यालय स्तर पर ही खरीद न होने के चलते मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। अस्पताल में रोजाना एक से दो मरीज हड्डी संबंधित ऑपरेशन न होने के चलते बिना उपचार के ही लौट रहे हैं।
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सी-आर्म मशीन के बिना ऑपरेशन नहीं
नागरिक अस्पताल में सी-आर्म मशीन का प्रयोग हड्डियों संबंधित ऑपरेशन में किया जाता है। मशीन के जरिये हड्डियों की जुड़ाव की स्थिति का पता चलता है। हड्डियों को जोड़ने संबंधित ऑपरेशन में मशीन की अहमियत विशेष रहती है। फिलहाल स्थिति ये है कि आयुष्मान पैनल अस्पतालों में पात्रों के घुटनों और कुल्हों के ट्रांसप्लांट की सुविधा भी खत्म हो चुकी है और सरकारी अस्पताल में रिजर्व की गई है, लेकिन यहां सुविधा नहीं है।
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कैमरे के इंतजार में दूरबीन ऑपरेशन
नागरिक अस्पताल में लंबे समय बाद जनरल सर्जन विशेषज्ञ मिला है। अस्पताल में ओपन सर्जरी है लेकिन लैप्रोस्कॉपी के अधूरे सामान के कारण ऑपरेशन शुरू नहीं हो रहे हैं। हिसार से लैप्रोस्कॉपी मशीन मिली है। हालांकि नागरिक अस्पताल प्रशासन की तरफ से लैप्रोस्कॉपी के कैमरे और लाइट की डिमांड भेजी है। मशीन शुरू होने के बाद अस्पताल में पित्ते की थैली, अपेंडिक्स आदि दूरबीन ऑपरेशन शुरू हो सकते हैं। फिलहाल स्थिति यह है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्रों की सर्जरी निजी अस्पताल में बंद हो चुकी है और इसे भी सरकारी के लिए रिजर्व किया गया है।
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नागरिक अस्पताल में ये है स्थिति
रोजाना ओपीडी - 1000 से 1200
चिकित्सकों के पद - 42
कार्यरत - 35
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सी-आर्म मशीन के लिए मुख्यालय को डिमांड भेजी जा चुकी है लेकिन अभी तक मिली नहीं है। मुख्यालय स्तर पर ही इसकी खरीद की जानी है। लैप्रोस्कॉपी के कुछ पार्ट्स की डिमांड भेजी गई है, ये आने के बाद दूरबीन ऑपरेशन शुरू हो जाएंगे।
- डॉ. बुधराम, कार्यकारी सिविल सर्जन