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बॉर्डर पर किसानों के जाम के बाद फतेहाबाद से दिल्ली नहीं जा पा रहे ट्रक

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बॉर्डर जाम होने के चलते ट्रक यूनियन में खड़े ट्रक। - फोटो : Fatehabad
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कृषि बिलों के विरोध में पंजाब एवं हरियाणा के किसानों द्वारा कुंडली बॉॅर्डर पर डेरा डालने से दिल्ली जाने वाले ट्रकों का पहिया फतेहाबाद में ही थम गया है। करीब 150 ट्रक चालक किसानों का धरना खुलने का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, यहां सोनीपत से आने वाला रेता, क्रैशर शनिवार से आना शुरू हो गया। किसानों के जाम का सीमेंट व्यापार पर भी असर पड़ा है।
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कई दिनों से कृषि बिलों के विरोध में किसान सोनीपत के पास कुंडली बॉर्डर पर जमे हुए हैं। इससे भाड़े पर चल रहे ट्रक चालकों को काफी नुकसान हो रहा है। फतेहाबाद धान उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी है। यहां से ट्रकों द्वारा धान व चावल सोनीपत, तरावड़ी, करनाल, दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ तक जाता है। कई दिनों से बार्डर पर जमघट होने के बाद ट्रकों के पहिये पर ब्रेक लग गया है। यहां व्यापारियों ने धान दिल्ली भेजना बंद कर दिया है। इसके चलते करीब 150 ट्रक भूना मोड़ पर ऑटो मार्केट व ट्रक यूनियन के बाहर खड़े हुए हैं। इसके अलावा सोनीपत से यहां आने वाला रेता, क्रैशर के ट्रक 5 दिन तक यहां नहीं आ पाए। हालांकि, शनिवार से दाएं बाएं रूट से यह ट्रक यहां आने शुरू हो गए लेकिन इनका भाड़ा पहले से ज्यादा बढ़ गया है। पिछले 5 दिनों से पंजाब के बठिंडा, रोपड़ आदि जिलों में लगे सीमेंट प्लांट से यहां सीमेंट की गाड़ियां भी नहीं आ रही। ट्रक ऑपरेटर जोगिंद्र नारंग ने बताया कि अनाज मंडी से चावल दिल्ली की तरफ जाता था। यह सीजन उनका तीन माह का है लेकिन 4-6 दिनों से बुकिंग नहीं आ रही। व्यापारी आंदोलन के डर से माल नहीं भेज रहे।
वहीं, श्री बालाजी ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालक मुरारी मदान ने बताया कि 5 दिनों बाद सोमवार को केएमपी बॉर्डर से उसका माल दिल्ली पहुंच गया है। सीमेंट व्यापारी राकेश मेहता के अनुसार, पंजाब के प्लांट से 5 दिनों से सीमेंट के ट्रक नहीं आ पा रहे जबकि पानीपत से सप्लाई जारी है।
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