फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना की लहर गई नहीं, लापरवाह हुए लोग

विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण के आंकड़े कम होते ही प्रशासनिक सख्ती कम हो गई है, जिसके चलते लोगों ने भी महामारी को हल्के में लेना छोड़ दिया है। अब लोग न तो सामाजिक दूरी का ख्याल रख रहे और न ही मास्क लगाना जरूरी समझ रहे। शनिवार को बाजारों का जायजा लिया। एक अनुमान के मुताबिक फिलहाल लगभग 50 फीसदी लोग मास्क लगाना छोड़ चुके हैं। दुकानों में बैठे लोग व पैदल राहगीर मास्क को लेकर बिल्कुल गंभीर नहीं हैं। यहां तक कि दुपहिया वाहन चलाने वाले लोग भी मास्क लगाना जरूरी नहीं समझते। वे तभी मास्क लगाते हैं, जब उन्हें अंदेशा हो कि जिस रास्ते से जाएंगे, वहां पुलिस चेकिंग हो सकती है। अन्यथा लोग मास्क लगाना अनिवार्य नहीं समझ रहे।
विज्ञापन

जबकि स्वास्थ्य मंत्रालय चेतावनी दे चुका है कि कोरोना की तीसरी लहर दूसरी से भी ज्यादा खतरनाक होगी। मगर लोगों ने इस चेतावनी को भी हल्के में लेना शुरू कर दिया है। जब तक लॉकडाउन चल रहा था, तब तक पुलिस व स्वास्थ्य विभाग मास्क व सामाजिक दूसरी को लेकर गंभीर थे। मगर अब जैसे ही बाजार में दोनों तरफ की दुकानें खुलने की मंजूरी मिली है, उसके बाद से कोई रोकटोक नहीं है। बाजारों में कोई पूछने वाला ही नहीं है।
972 सैंपल लिए, 9 मिले कोरोना संक्रमित
शनिवार दोपहर को जारी आंकड़ों के मुताबिक विभाग ने बीते चौबीस घंटों में कुल 972 सैंपल लिए, जिनमें से 9 संक्रमित मिले। हालांकि कोरोना से होने वाली मौतें अब थम चुकी हैं। इनमें टोहाना में 1, रतिया में 2, भट्टूकलां में 1 व बड़ोपल स्वास्थ्य केंद्र में 5 केस मिले।
विज्ञापन

अब तक के आंकड़े
कुल सैंपल : 228293
संक्रमित मिले : 17733
कुल मौतें : 464
अस्पतालों में उपचाराधीन : 31
कोट
हमें कोरोना संक्रमण से राहत मिली है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन को हल्के में नहीं लेना चाहिए। मास्क व सामाजिक दूसरी को अनिवार्य मानना चाहिए। सरकार ने तीसरी लहर को लेकर चेतावनी दी है। हमारा दायित्व है कि हम तीसरी लहर को रोकने के लिए अभी से प्रयासरत रहें। इसमें आमजन की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
विज्ञापन

-डॉ. विष्णु मित्तल, महामारी नियंत्रण अधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें