श्रीरघुनाथ मंदिर में आयोजित कथा में मौजूद श्रद्वालु स्त्रोत आयोजक
फतेहाबाद। रघुनाथ मंदिर में आयोजित शिव पुराण कथा यज्ञ का समापन पर डॉ. स्वामी दिव्यानंद महाराज ने कहा कि जीवन बड़ा महत्वपूर्ण है, इसे व्यर्थ में बर्बाद न करो। अंदर बाहर दोनों को पवित्र रखो। केवल बाहर की प्रगति ही नहीं मन बुद्धि को भी स्वस्थ बनाओ।
पूजा पाठ के साथ-साथ मन बुद्धि को भी पढ़ो, केवल सुविधाएं ही नहीं सद्गुण भी चाहिए। दूध तो वही है, इसमें नींबू डाल दो तो यह फट जाएगा। इसमें क्षोभ बना रहेगा और यदि थोड़ा दही डालकर इसकी दही बनाकर मंथन करके घी निकाल लोगे तो दीपक जलाकर सारा घर प्रकाश से भर सकोगे।
विवेकी बुद्धि से जीवन में प्रकाश होता है। शिव के ज्योतिर्मय स्वरूप के प्रकट होने का यही अर्थ है। जीवन बाहर से भले ही सक्रिय हो किंतु भीतर से शांत होना चाहिए। इस अवसर पर भगवान महादेव के ज्योतिर्मय स्वरूपों का पूजन हुआ। मुख्य यजमान कैलाश बतरा-बिंदु बतरा ने परिवार सहित पूजन किया। बच्चे अयांश चौधरी ने शिव तांडव स्रोत का पाठ किया। किट्टी बतरा ने परिवार समेत शिवार्चन किया। इस अवसर पर राजेश मेहता, रामराज मेहता, ओमप्रकाश सरदाना, वंजुल बत्रा, कनिष्क बत्रा ने भी आशीर्वाद लिया।