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Fatehabad News: शौचालय गंदे हैं, स्कूल में बच्चों को स्वच्छता का पाठ पर पानी न सफाई

Thu, 27 Aug 2026 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
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फतेहाबाद के राजकीय मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल के शौचालय के पास उगीं झाड़ियां।
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फतेहाबाद। शिक्षा विभाग स्कूलों में बेहतर सुविधाओं का दावा कर रहा है जबकि जमीनी हकीकत कुछ और बयां कर रही है। प्राइमरी स्कूलों में शौचालयों की व्यवस्था अच्छी नहीं है। कहीं शौचालय गंदे है तो कहीं हाथ धोने को पानी तक नहीं है। मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल में स्वच्छता के दावों की पोल खुल गई है।
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खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के ठीक बगल में स्थित इस स्कूल के शौचालय बेहद गंदे पाए गए हैं। यहां बच्चों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाया जाता है लेकिन पीने के पानी और हाथ धोने के लिए साबुन तक की व्यवस्था नहीं है। शौचालयों के आसपास झाड़ियां उग आई हैं जिससे स्थिति और भी खराब हो गई है। जिले में 384 प्राइमरी स्कूल हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी की तरफ से बुधवार को पड़ताल की गई। मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया जाना था। हालांकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। लड़कियों के लिए स्कूल में बने शौचालय गंदे मिले और वाशबेसिन में लगी टोटी में पानी की सप्लाई नहीं मिली।
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लड़कों के लिए बने नए शौचालयों में हाथ धोने के लिए साबुन न होने से बीमारियों का संक्रमण फैलने का डर बना हुआ है। स्कूल परिसर में उगी झाड़ियां मच्छरों और अन्य कीटों का घर बन गई हैं। इससे बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर सीधा असर पड़ रहा है।
खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय की भूमिका पर सवाल : मॉडल संस्कृति प्राइमरी स्कूल खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से सटा हुआ है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि अधिकारी इस स्थिति से अनजान कैसे रह सकते हैं। कार्यालय के अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के स्कूलों की नियमित निगरानी करें।
गंदे शौचालय और पानी-साबुन की कमी बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है। दूषित वातावरण में रहने से उन्हें पेट संबंधी बीमारियां और संक्रमण होने का जोखिम बढ़ जाता है। झाड़ियों में छिपे कीड़े-मकोड़े और मच्छर भी बच्चों को बीमार कर सकते हैं। स्वच्छ वातावरण बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए आवश्यक है। इस लापरवाही से बच्चों का भविष्य दांव पर लगा हुआ है। शिक्षा विभाग को इस ओर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।
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