समैन। गांव समैन की स्टार कबड्डी खिलाड़ी मनीषा गिल को हरियाणा सरकार की तरफ से बड़ा झटका लगा है। हरियाणा सरकार ने खिलाड़ी मनीषा गिल सहित छह कबड्डी खिलाड़ियों को हाईकोर्ट की तरफ से दी गई सरकारी नौकरी के मामले में कोर्ट की डबल बेंच में चुनौती दी है। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 16 अक्तूबर 2022 को अपने फैसले में इन खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने का फैसला दिया था।जानकारी देते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता आफताब खारा ने बताया कि फरवरी 2019 में गांव समैन की कबड्डी खिलाड़ी मनीषा गिल सहित हिसार के गांव नाड़ा की कबड्डी खिलाड़ी सुमनलता, सुमन, सोनिया, सुमन व रेखा (रेसलर) ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सरकारी नौकरी की मांग की थी। हरियाणा सरकार ने इस मामले में अपनी तरफ से दायर जवाब में कहा कि वह इन खिलाड़ियों को नौकरी नहीं दे सकती क्योंकि उन्होंने अपनी 2018 की जो खेल नीति बनाई है, उसमें सर्कल कबड्डी खेल को शामिल नहीं किया गया है।
खिलाड़ियों की तरफ से अधिवक्ता आफताब खारा ने पक्ष रखते हुए कहा था कि सरकार ने अपनी 2013 व 2014 की खेल नीति के तहत गांव समैन की रेनू गिल व गांव नाड़ा की रीतू व रचना को सरकारी नौकरी दी है। सरकार की इस खेल नीति में सर्कल कबड्डी खेल शामिल था। हाईकोर्ट ने इसी फैसले को आधार बनाते हुए 16 अक्तूबर 2022 को अपने फैसले में मनीषा गिल सहित छह खिलाड़ियों को नौकरी देने का आदेश दिया था।
अब हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती देते हुए डबल बेंच में याचिका दायर की है। इस मामले में 28 अगस्त को सुनवाई हुई थी। मामले में हाईकोर्ट ने खिलाड़ियों को नोटिस जारी करते हुए एक जनवरी 2024 तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। संवाद