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गोभक्तों ने सीपीएस के कार्यालय का किया घेराव

Mon, 28 Jul 2014 11:12 PM IST
fatehabad
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गांव ढिंगसरा की विवादित गोचर भूमि मामले में संत गोपालदास और अन्य गोभक्तों पर केस दर्ज होने से विरोध में सोमवार को प्रदर्शन किया गया। संत गोपालदास के नेतृत्व में सैकड़ों गोभक्तों ने सीपीएस प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा के कार्यालय का घेराव कर उनके खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। सीपीएस के कार्यालय में मौजूद न होने के कारण प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे। यहां सबसे पहले हवन किया गया और उसके बाद अतिरिक्त उपायुक्त अशोक गर्ग को ज्ञापन सौंपा गया। संत गोपालदास ने ज्ञापन सौंपने के बाद चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो चुनाव में सभी पार्टियों का बहिष्कार किया जाएगा और किसी भी नेता को गांव में घुसने नहीं देंगे। अतिरिक्त उपायुक्त ने उनकी मांग सरकार तक पहुंचाने का भरोसा दिलाया।
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लघु सचिवालय में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संत गोपालदास ने कहा कि गोचर भूमि को लेकर जो भी विवाद हो रहा है, यह सब नेताओं के कहने पर हो रहा है। ऐसे में चुनावों में किसी भी पार्टी के नेता खासकर प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा को गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा। उन्हाेंने कहा कि यदि उन्हें जल्द न्याय नहीं मिला तो वह अपना विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि अभी तो एक गाय लेकर यहां आए हैं, बाद में हजारों गायों के साथ सभी गोभक्त यहीं धरने पर बैठ जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह उसी भूमि पर मंगलवार से चारदीवारी बनाने का काम शुरू कर देंगे, जहां निर्मा ण करने पर उनके और अन्य गोभक्तों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस प्रशासन उन्हें गिरफ्तार करना चाहता है तो वह गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं। गोभक्तों ने नारेबाजी करते हुए इस संघर्ष में अंत तक साथ रहने का संकल्प लिया।

इससे पूर्व सभी गोभक्त लालबत्ती चौक पर इकट्ठा हुए और यहां से सीपीएस प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा के कार्यालय पर पहुंचे। यहां दस मिनट तक प्रदर्शनकारियों ने प्रहलाद सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गिल्लाखेड़ा के कार्यालय में मौजूद न होने की वजह से प्रदर्शनकारी लघु सचिवालय के लिए निकल पड़े।
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संत गोपाल दास ने लघु सचिवालय के बाहर ही सैकड़ों गोभक्तों के साथ हवन किया। हवन करते हुए उन्होंने नारा दिया कि लाठी गोली खाएंगे, गोचर भूमि बचाएंगे। उन्होंने कहा कि गायों और गोभक्तों पर हो रहे अन्याय की वजह से ही फतेहाबाद जिले में बरसात नहीं हो रही। हवन में गायों की रक्षा का संकल्प लेकर बरसात की कामना की गई। रोष प्रदर्शन में गोचर भूमि बचाओ कमेटी के प्रधान एवं पूर्व सरपंच सुभाष जाखड़, ठाकुर रणजीत सिंह, अमर सिंह तरड़, लीलूराम झाझड़ा, अशोक जाखड़, फूलांराम, अमीलाल, छबीलदास, सुभाष मुंड, सत्यपाल सहित सैकड़ों महिलाएं व पुरुष शामिल थे।

ये हैं मांगे
- गोभक्तों पर दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएं
- 22 सार्वजनिक स्थानों की गिरदावरी उनके नाम की जाए
- गोचर भूमि पर गलत तरीके से हुई रजिस्ट्रियां खारिज की जाएं
- गांव ढ़िंगसरा की 12 एकड़ पर हुए कब्जे को हटाया जाए
- गोचर भूमि घोटाले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए
- खरीद फरोख्त मामले में शामिल जवाहर सिंह की भूमि की जांच कराई जाए
- योगेश्वर कृष्ण गोशाला ढिंगसरा के हालात के मध्य नजर निर्माण की अनुमति दी जाए।
- गौशाला में रह रही 150 गायों के लिए रजिस्टर्ड बीमा और दवाइयों की व्यवस्था की जाए।

यह था मामला:
गोचर भूमि के लिए पिछले लंबे समय से संत गोपाल दास तथा गोभक्त संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर प्रतिबंधित जगह पर निर्माण कार्य करवाया था। इसे लेकर संत गोपाल दास सहित एक दर्जन लोगों के खिलाफ भट्टूकलां पुलिस ने गांव ढिंगसरा में धारा 145, 146 के उल्लंघन का मामला दर्ज किया था। हालांकि पुलिस ने इस मामले में किसी की भी गिरफ्तारी नहीं की है। आरोपियों में कुरुक्षेत्र निवासी संत गोपाल दास, ढिंगसरा निवासी देवीलाल पुत्र श्योकरण, जयसिंह पुत्र सरदुल, सुभाष पुत्र सुरजाराम, लिखुराम पुत्र पेपसिंह, छबीलदास पुत्र नेतराम, बजंरग पुत्र रामचंद्र, वेदपाल पुत्र सुभाष, निगेसिंह पुत्र सरदुल, ओम फौजी व विजय उर्फ जोगिंद्र शामिल हैं।
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