आरोपी एसआई को कोर्ट में पेश करने ले जाती पुलिस।
फतेहाबाद। कोर्ट परिसर के बाहर 20 हजार की रिश्वत लेने रंगे एसआई रामपाल को एसीबी ने बुधवार को कोर्ट में पेश किया। अदालत में चले अभियोग के अनुसार आरोपी के वकील की अपील पर कोर्ट ने उसे हिसार की जगह सिरसा जेल भेजने का आदेश दिया।
वकील ने दलील दी कि आरोपी एसआई कई थानों में आपराधिक मामलों का जांच अधिकारी रह चुका है। उसने कई आरोपियों को पकड़ा है जो हिसार जेल में बंद हैं। ऐसे में हिसार जेल में रामपाल की जान को खतरा हो सकता है। इस अपील को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने आरोपी को सिरसा जेल भेजा।
एसीबी इंस्पेक्टर मनमोहन सिंह ने बताया कि गांव दहमान निवासी सुरेश ने शिकायत दी थी कि करीब एक साल पहले भूना में दर्ज एक मामले में समझौता हो चुका था। जांच अधिकारी रामपाल की गवाही बकाया थी और वह कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था। उसने पक्ष में गवाही के लिए 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी बाद में 20 हजार रुपये में मान गया। गवाही देने के बाद आरोपी को बिरयानी के ठेले पर रिश्वत लेते एसीबी ने गिरफ्तार किया था।
भ्रष्टाचार के आरोप और बदली तैनाती
एसआई रामपाल पर पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। सूत्रों के अनुसार भूना थाना में तैनाती के दौरान शिकायतें मिलने पर उसे जाखल स्थानांतरित किया गया था। जाखल में भी शिकायतें होने के चलते उसका भट्टूकलां स्थानांतरित हुआ था। वह जून माह में ही भट्टूकलां थाना में तैनात हुआ था।
भट्टूकलां थाने की छवि पर असर
भट्टूकलां थाना आमजन को बेहतर सेवाएं देने के चलते देश के टॉप थ्री थानों में शामिल रह चुका है। जून माह में इसी थाना में तैनात एक महिला पुलिसकर्मी को एसीबी ने रिश्वत लेते पकड़ा था। अब एसआई रामपाल की गिरफ्तारी से इस थाने की छवि खराब हुई है।