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उपभोक्ता अदालत में सुनवाई की प्रक्रिया सुस्त, देरी से मिल रहा न्याय

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जिला उपभोक्ता फोरम का कमरा। - फोटो : Fatehabad
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जिले में उपभोक्ताओं को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा। लगभग एक साल तक कोरोना काल में लॉकडाउन के कारण अदालतें बंद रहीं। लंबे इंतजार के बाद अदालतें खुलीं। साथ में फोरम में भी सुनवाई शुरू हुई। मगर कुछ ही दिन बाद फोरम के अध्यक्ष रघुबीर सिंह सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद कुरुक्षेत्र फोरम की अध्यक्ष को अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है ताकि उपभोक्ता शिकायतों पर सुनवाई पूरी तरह बंद न हो। इसके चलते सप्ताह में एक दिन, सिर्फ शुक्रवार को सुनवाई होती है।
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उपभोक्ता फोरम में लगभग पांच सौ केस लंबित हैं। इन केसों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है, क्योंकि निपटारे कम संख्या में हो रहे हैं। नए केस ज्यादा संख्या में फाइल हो रहे हैं। ऐसे में लंबित केस बढ़ रहे हैं। उपभोक्ता फोरम में कई मामले दो से तीन साल पुराने हो चुके हैं। कायदे से उपभोक्ता फोरम में मामलों की सुनवाई की प्रक्रिया काफी सरल मानी जाती है। नियमित सुनवाई की स्थिति में 6 से 9 महीने के भीतर शिकायतों का निपटान हो जाता है। उपभोक्ता चाहे तो खुद केस लड़ सकता है, वकील की आवश्यकता नहीं होती। फोरम का उद्देश्य उपभोक्ताओं की शिकायतों का जल्द निवारण करना होता है ताकि ग्राहकों के साथ दुकानदार हेराफेरी न कर सकें। संवाद
ये भी है केस लंबित होने की वजह
ज्यादातर केसों में उपभोक्ता खुद नहीं, बल्कि उनके वकील पैरवी करते हैं। वकीलों को अन्य अदालतों में काम करना होता है। समय का अभाव रहता है। यह भी केस लंबा खिंचने की एक वजह है। चूंकि जिले में एक ही उपभोक्ता फोरम होती है, इसलिए बाहर के वकील समय पर नहीं पहुंच पाते।
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तीन साल से लंबित है मेरा केस : सुरेंद्र कुमार
मेरा पॉली हाउस खराब हो गया था। मेरी पत्नी के नाम से पॉली हाउस निर्माता कंपनी व बीमा कंपनी के खिलाफ केस दायर किया हुआ है। लगभग तीन साल होने को हैं। केस के निपटारे का इंतजार कर रहा हूं।
-सुरेंद्र कुमार, किसान, गांव ढांड।
दो साल से इंतजार कर रहा हूं : मुकेश
एक दर्जी ने मुझसे सिलाई खर्चा भी ले लिया। ड्रेस खराब कर दी। बाद में ड्रेस भी देने से इंकार कर दिया। मैंने करीब दो साल पहले केस दायर किया था। अभी तक फैसले का इंतजार कर रहा हूं। न्याय मिलने में उम्मीद से ज्यादा समय लग रहा है।
-मुकेश कुमार, गांव एमपी सोत्तर।
स्थायी नियुक्ति की मांग की गई है : प्रधान
उपभोक्ता फोरम में इस समय अध्यक्ष पद पर स्थायी नियुक्ति नहीं है। अन्य जिले की महिला अधिकारी को अतिरिक्त कार्यभार दिया हुआ है। सप्ताह में एक दिन सुनवाई होती है। अधिकारी की स्थायी नियुक्ति के बाद ही समस्या का समाधान हो पाएगा। सरकार से मांग की गई है कि जल्द स्थायी नियुक्ति की जाए।
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-राजेंद्र कुकरेजा, प्रधान, जिला बार एसोसिएशन।
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