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नहीं थम रहा पराली जलाने का सिलसिला, अब विद्यार्थी और युवा फैलाएंगे जागरूकता

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कुलां-भूना रोड पर बुधवार शाम को खेत में लगाई गई आग। संवाद - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। हर रोज आ रहे पराली जलाने के मामलों को पूरी तरह रोकने में अधिकारियों को सफलता नहीं मिली तो अब प्रशासन स्कूली बच्चों व युवाओं का सहारा लेगा। वीरवार को नेहरू युवा केंद्र के युवा क्लबों से जुड़े युवाओं और विद्यार्थियों के साथ प्रशासन जागरूकता रैलियां निकलवाएगा। इनके जरिये किसानों को पराली नहीं जलाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। बुधवार को रैली की तैयारियों के लिए उपायुक्त महावीर कौशिक ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए।
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इससे पहले मंगलवार देर शाम को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्तों के साथ बैठक की और फसल अवशेष प्रबंधन के लिए निर्देश दिए।
अब तक जिले में 1276 स्थानों पर लग चुकी आग
जिले में हरसैक की ओर से 15 सितंबर के बाद अब तक 1276 स्थानों पर आग लगने की सूचना प्रशासन को दी जा चुकी है। सूचना मिलने के बाद कृषि विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी संबंधित फायर लोकेशन तक पहुंचकर किसानों को जुर्माना लगाते हैं। कृषि विभाग की टीमें अब तक 456 किसानों के चालान काटकर 11 लाख 70 हजार रुपये जुर्माना वसूल कर चुकी है।
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जागरूकता के लिए धरातलीय पहल की जरूरत
पराली प्रबंधन को लेकर किए जा रहे प्रयास मात्र औपचारिकता ही साबित हो रहे हैं। गांव स्तर से लेकर ब्लॉक, उपमंडल व जिला स्तर पर कमेटियां बनाने का भी कोई बड़ा फायदा नहीं हुआ है। अब उपमंडल स्तर पर रैलियां निकालकर जागरूकता की तैयारी है, जबकि किसान खेतों में कार्य करने में जुटे है। ऐसे में जागरूकता के इस प्रयास पर भी सवाल उठ रहे हैं। आज पराली प्रबंधन के लिए धरातल स्तर पर प्रयास की जरूरत है।
रात में जलती है पराली, सुबह सांस आफत में
जिले के अधिकांश किसान रात में पराली जलाते हैं। इस कारण सुबह के समय सांस फूलने लगता है। 3 नवंबर से लेकर अब तक एक्यूआई सुबह के समय 300 से पार रहती है। मंगलवार को भी दोपहर एक बजे तक 300 से पार एक्यूआई रहा। दोपहर 2 बजे एक्यूआई 298 हुआ। हालांकि, 100 से ऊपर एक्यूआई खराब स्थिति में ही रहता है। 100 तक एक्यूआई ही ठीक माना गया है।
फ्लाइंग टीमों की संख्या बढ़ाने के निर्देश
अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने उपायुक्त को जिले में फ्लाइंग स्क्वाड और प्रवर्तन टीमों की संख्या बढ़ाकर पराली जलाने की घटनाओं पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने विशेष रूप से फतेहाबाद व सिरसा के उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे अपने जिले में अधिक सतर्क रहें।
कोयले व लकड़ी से चलने वाली उद्योगों को 22 नवंबर तक बंद रखने के आदेश
राज्य में दमघोंटू प्रदूषण पर रोकथाम के लिए सरकार ने अब कोयले या लकड़ी से चलने वाली इंडस्ट्रीज को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। ऐसी इंडस्ट्रीज को 22 नवंबर तक बंद रखा जाएगा। यह आदेश फतेहाबाद में भी लागू होंगे। केवल सीएनजी, पीएनजी और साफ तेल से चलने वाली इंडस्ट्री को ही चलाने की छूट दी गई है। इस संबंध में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कंपनियों को निर्देश जारी किए गए हैं।
यह रहा एक्यूआई
सुबह 6 बजे - 314
सुबह 7 बजे - 313
सुबह 8 बजे - 312
सुबह 9 बजे - 310
सुबह 10 बजे - 308
सुबह 11 बजे - 306
दोपहर 12 बजे - 304
दोपहर 1 बजे - 302
दोपहर 2 बजे - 298
दोपहर 3 बजे - 296
अब तक किए गए चालान - 456
वसूली गई राशि - 11 लाख 70 हजार रुपये
गांव अयाल्की के खेतों में लगी आग, एसडीएम पहुंचे मौके पर
जिला मुख्यालय के आसपास के गांवों में भी प्रशासन की अपील का किसानों पर कोई असर नहीं हो रहा है। बुधवार को जिला मुख्यालय से मात्र 10 किलोमीटर दूर गांव अयाल्की में खेतों में पराली को आग लगा दी गई। सूचना पाकर एसडीएम राजेश कुमार भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम की मौजूदगी में फायर बिग्रेड की गाड़ी लेकर आए कर्मचारियों ने आग को बुझाया। मगर तब तक पराली की आग से निकला धुआं पर्यावरण को खराब कर चुका था। एसडीएम ने संबंधित किसान पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।
एक्सपर्ट व्यू....
पराली जलाने से हवा की क्वालिटी खराब हो रही है। कई तरह की गैस हवा में घुल रही हैं, जो स्वास्थ्य पर विपरीत असर डाल रही हैं। इसके अलावा जमीन का स्वास्थ्य भी लगातार खराब हो रहा है। पराली जलाने से जमीन के ऊपर की लेयर सख्त हो जाती है। इससे खेत में पानी रुकना कम हो जाता है। वहीं, फसली अवशेष खेत में ही मिला दिए जाएं तो फर्टिलाइजर की जरूरत कम पड़ेगी। न्यूट्रेंट ज्यादा दिन तक खेत में रहेगा तो फसलों को लाभ मिलता है। आग लगाने से मित्र कीट जाते हैं। इन जीवों का खेतों में रहना बेहद जरूरी होता है।
-डॉ. संतोष कुमार, जिला विस्तार विशेषज्ञ (मृदा विज्ञान), कृषि विज्ञान केंद्र, फतेहाबाद
विद्यार्थियों और युवा क्लबों से जुड़े युवाओं के साथ पूरे प्रदेश में ही रैलियां निकाली जाएंगी, ताकि किसानों को पराली नहीं जलाने के लिए प्रेरित किया जा सके। पिछले साल से इस बार 30 फीसदी तक कम पराली जली है।
-राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि विभाग
सभी एसडीएम से कहा गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ये रैलियां निकलवाना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही विलेज स्तर पर बनाई गई टीम के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें। आगामी दो सप्ताह में हमें सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता है।
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-महावीर कौशिक, उपायुक्त, फतेहाबाद
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