गांव कुम्हारिया के रूस-यूक्रेन सीमा पर फंसे युवकों की मदद को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष से मिलते हुए
फतेहाबाद। रूस-यूक्रेन सीमा पर फंसे दो युवकों अंकित जांगड़ा और विजय पूनिया के सोशल मीडिया अकाउंट बंद करने और जीरो लाइन पर भेजे जाने की धमकी से परिवार के सदस्य चिंतित हैं। परिवार के सदस्यों ने वीरवार को दिल्ली में विदेश मंत्रालय से संपर्क साधकर मदद की गुहार लगाई है। वहीं, सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने विदेश मंत्री जयशंकर को पत्र लिखकर इस मामले में शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की है।
रूस-यूक्रेन सीमा पर फंसे युवक अंकित जांगड़ा और विजय पूनिया के परिजन वीरवार को दिल्ली पहुंच कर विदेश मंत्रालय में अधिकारियों से मुलाकात की। अंकित के भाई रघुवीर जांगड़ा ने बताया कि दोनों युवक स्टडी वीजा पर रूस गए थे। अब रूस की सेना में जबरन भर्ती किए गए युवकों के सोशल मीडिया अकाउंट बंद कर दिए गए हैं। रूसी सेना को पता चल गया है कि युवक वीडियो बनाकर भारत में अपने परिवारों को भेज रहे हैं। इस आशय की जानकारी सीमा पर फंसे विजय ने इंस्टाग्राम पर अपने दोस्त को मैसेज करके दी है।
तीन दिन बाद युद्ध में भेज देंगे....जल्द बचा लें
विजय ने परिवार को भेजे मैसेज में ये भी बताया कि 3 दिन बाद अब उन्हें युद्ध के लिए लेकर जाने वाले हैं और जल्द बचा लें। अंकित के भाई रघुवीर ने बताया कि युवकों को अब जीरो लाइन पर भेजने की धमकी दी जा रही है। गांव कुम्हारिया निवासी अंकित और विजय व्हाट्सअप कॉल करके परिवार के सदस्यों को पल पल की जानकारी दे रहे थे। बुधवार रात युवक विजय ने फेसबुक मैसेंजर के जरिये अपने साथी रमेश कुमार के पास मैसेज भेजा, जिसमें उसने बताया कि उसका व्हाट्सअप डिलीट कर दिया गया है।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने रक्षा मंत्रालय को भेजी ई-मेल
रूसी सेना में नौकरी के लालच में फंसे युवकों का परिवार ग्रामीणों के साथ भाजपा के जिलाध्यक्ष एडवोकेट प्रवीण जोड़ा से मुलाकात की। जिलाध्यक्ष ने रक्षा मंत्रालय कार्यालय को पूरे विवरण के साथ ई-मेल कर दोनों युवाओं को छुड़वाने की अपील की। मेल पर संज्ञान लेते हुए रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि के बाद रूस स्थित भारतीय दूतावास के माध्यम से रूस सरकार से कुम्हारिया के युवक अंकित को रशियन आर्मी से छुड़वाने तथा सुरक्षित भारत लौटाने की मांग रखी है।