फतेहाबाद। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 81,022 किस्त जिले के 77,298 किसानों के खातों में जमा कर दी गई हैं। इसमें 16.20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शामिल है। हालांकि, करीब 23 हजार किसानों को इस बार राशि नहीं मिली है।
किसान अपनी रुकी हुई राशि का पता लगाने के लिए कृषि विभाग और किसान सहायता केंद्रों पर रोजाना पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें बैंक खातों में खामी और कुछ दिनों तक इंतजार करने की वजह बताकर वापस भेजा जा रहा है। ई-दिशा में स्थित किसान सहायता केंद्र पर मंगलवार को ग्रामीण क्षेत्रों से कई किसान सुबह से पहुंचने लगे।
उन्होंने बताया कि वे बार-बार ई-केवाईसी और आधार सीडिंग की प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं, लेकिन पोर्टल पर पेमेंट स्टॉप या बैंक रिजेक्शन का स्टेटस दिख रहा है। सहायता केंद्र के कर्मचारियों ने कहा कि अधिकांश मामलों में राशि अटकी हुई है क्योंकि बैंक खाते आधार कार्ड से लिंक नहीं हैं या ई-केवाईसी पूरी नहीं हुई है।
दोहरी मार न पेंशन मिली, न निधि की राशि
किसानों का कहना है कि जिले में पिछले कई दिनों से दोहरी मार झेल रहे हैं। सरकार ने एक तरफ तो उन्हें पीएम किसान निधि का पात्र मानकर उनकी बुढ़ापा पेंशन में कटौती कर दी है या रोक दिया है दूसरी ओर उनके खातों में इस बार पीएम किसान निधि की 2000 रुपये वाली किस्त भी नहीं पहुंची है।
मेरी पीएम किसान निधि की लगातार तीन किस्त नहीं आई। पहले मेरा बैंक खाता बंद हो गया था। उसके बाद नया खाता एड किया तो वह आधार कार्ड से लिंक नहीं था। ऐसे में मुझे अगली किस्त के साथ रुकी हुई राशि प्राप्त होने का आश्वासन मिला है।
-रोहतास किसान, गांव सरवरपुर।
पिछली 7 किस्तें नहीं आई हैं। अपना बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक भी करवा लिया है लेकिन मेरी राशि नहीं आई है। जब किसान सहायता केंद्र में इसके बारे में जानकारी ली तो बताया गया कि सभी कागजात पूरे हैं कुछ दिन इंतजार करो राशि प्राप्त हो जाएगी।
- जोबन, किसान गांव बीघड़।
पीएम किसान निधि की पिछली 5 किस्तें बंद हैं। केवाईसी भी करवा ली है। अब अगली किस्त के साथ पीछे की रुकी हुई सभी राशि प्राप्त होने की उम्मीद है।
- अंजू बाला, गांव चबला मोरी।
मेरी और पत्नी की पीएम किसान निधि की किस्त रुकी है। जब इसके बारे में पता किया तो बताया गया है कि एक परिवार में केवल एक ही सदस्य को लाभ मिलेगा। पिछली चार किस्त बंद हैं।
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:: कई किसानों के खातों की पात्रता दोबारा जांची जा रही है। जिन किसानों के भूमि रिकॉर्ड का सत्यापन नहीं हुआ है या केवाईसी और किसान एग्री स्टैक आईडी नहीं बनवाई है उन किसानों की किस्तें रोकी गई है। वहीं कृषि विभाग की ओर से इन खामियों को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि पात्र किसानों को जल्द से जल्द बकाया राशि मिल सके।
- डॉ. राजपाल, तकनीकी सहायक, कृषि एवं कल्याण विभाग, फतेहाबाद।