फतेहाबाद। रूस में जबरन सेना में भर्ती किए गए गांव कुम्हारिया के अंकित और विजय कुमार का करीब परिवार से संपर्क टूटे 50 घंटे से अधिक का समय हो गया है। दोनों ने बुधवार-वीरवार रात को 12 बजे टेलीग्राम के जरिए अपने भाइयों के मोबाइल नंबर पर वाइस मैसेज भेजा और उसके बाद से संपर्क नहीं हो रहा है। संपर्क न होने के कारण परिवार के लोग लगातार दोनों युवकों को घर वापिस लाने में लगातार सरकार से मदद की गुहार लगा रहे है। शनिवार को एक बार फिर अंकित का भाई रघुवीर जांगडा व विजय के चाचा चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलने के लिए गए और मुलाकात कर दोनों युवकों को सकुशल अपने वतन लाने की गुहार लगाई। जिस पर मुख्यमंत्री नायब सैनी ने परिवार को आश्वासन दिया है कि वे विदेश मंत्रालय से संपर्क कर दोनों युवकों को अपने देश वापिस लेकर आएंगे। परिवार बुधवार को भी मुख्यमंत्री से मिल चुका था, वहीं वीरवार को परिवार के सदस्य विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से मिलकर आए थे।
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युवकों से बात नहीं होने पर चिंतित है परिवार
अंकित के भाई रघुवीर ने बताया कि भाई से संपर्क न होने के कारण पूरा परिवार चिंतित है। परिवार के लोग खाना भी नहीं खा रहे है। मां बार-बार को याद कर रो रही है।
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स्टडी और बिजनेस वीजा पर गए थे रूस
गांव कुम्हारिया के दो युवक अंकित जांगड़ा स्टडी और विजय पूनिया बिजनेस वीजा पर रूस गए थे। वहां उन्हें सिक्योरिटी गार्ड व ड्राइवर की नौकरी दिलाने के नाम पर जबरन रशियन आर्मी में भर्ती करवा दिया गया। वहां से उन्हें यूक्रेन में युद्ध के लिए धकेला जा रहा है।
वीडियो कॉल करके बताया तो सेना की वर्दी में थे दोनों युवक
गांव कुम्हारिया के अंकित जांगड़ा (23) और विजय पूनिया (25) रूस गए थे। अंकित के भाई रघुवीर ने बताया कि सोमवार को अंकित की कॉल आई थी। उसके साथ तब विजय भी था। अंकित ने उधर से कहा, हमें बचा लो। हमारे पास एक दो दिन ही बचे हैं। इसके बाद हमें युद्ध में भेज दिया जाएगा।