फतेहाबाद। बिजली निगम ने साल 2025 में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और ओवरलोडिंग की समस्या से निपटने के लिए विकास कार्य जारी हैं। इस वर्ष जिले में 5 नए बिजली उपकेंद्रों को शुरू किया गया है। इससे करीब 15,500 उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज और कट की समस्या से राहत मिली है।
इस वर्ष में पांच नए उपकेंद्रों के चालू होने से जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बिजली वितरण प्रणाली सुदृढ़ हुई है। वहीं तीन अन्य उपकेंद्रों पर निर्माण कार्य जारी है। निगम का लक्ष्य है कि इन उपकेंद्रों को जनवरी 2026 तक शुरू होने की उम्मीद हैं।
बिजली वितरण के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए नए उपकेंद्रों के निर्माण के साथ-साथ जिले के चार पुराने उपकेंद्रों की क्षमता में भी बढ़ोतरी की गई है। ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाए जाने से उन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति में सहयोग मिला है जहां पिछले कई वर्षों से ओवरलोडिंग की परेशानी हो रही थी। नए उपकेंद्र बनने से 15 गांवों के बिजली उपभोक्ताओं को लाभ मिला है।
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रतिया में चार साल बाद भी मंडल कार्यालय का इंतजार
रतिया क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं के लिए चार वर्ष पहले नए बिजली मंडल की स्वीकृति मिली थी। सरकार और बिजली निगम से मंजूरी मिलने के बावजूद अभी तक इस मंडल का काम शुरू नहीं हो सका है। ऐसे में रतिया क्षेत्र के उपभोक्ताओं को बिजली संबंधित कार्यों के लिए फतेहाबाद के आना पड़ता है। वर्तमान में रतिया क्षेत्र के लोगों को बिजली बिलों की गड़बड़ी ठीक कराने, नए कनेक्शन की मंजूरी या अन्य गंभीर तकनीकी शिकायतों के निवारण के लिए फतेहाबाद मुख्यालय आना पड़ता है।
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ये बिजली उपकेंद्र हो चुके हैं पूरे
गांव- खर्च राशि
एमपी रोही-7.80
माजरा-4.80
जाखन दादी-3.84
झलनिया-4.48
बाड़ा-4.60
हसंगा-5.50
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इन उपकेंद्रों का काम है जारी
नांगल-5.70
नकटा-5.85
ढांड-6.14
ठरवा- 6.00
इंदाछोई-7.50
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इन उपकेंद्रों की बढ़ाई गई है क्षमता
गांव- पहले क्षमता- अब क्षमता- खर्च राशि
दरियापुर-20 एमवीए-28 एमवीए-1.47
तेलीवाड़ा-14.3 एमवीए-20.5-1.19
हांसपुर-10 एमवीए-20.5 एमवीए-1.46
फतेहाबाद-28 एमवीए-32.5 एमवीए-1.22
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बिजली निगम की ओर से बिजली की खपत के अनुसार नए उपकेंद्रों के निर्माण व उनकी क्षमता में बढ़ोतरी की जा रही है। निगम का लक्ष्य है कि उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध करवाई जाए।
-रविंद्र, एसडीओ, बिजली निगम फतेहाबाद।