ग्रहण के चलते श्याम मंदिर में बंद पड़े कपाट के बाहर जलता दीपक
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद। वीरवार सुबह जिलेभर में न मंदिरों के कपाट खुले और ना ही घंटियों की आवाज सुनी और दिनों से हटकर मंदिरों के पुजारी अपने घर पर रहे। मौका था अमावस्या पर सूर्य ग्रहण का। सूर्य ग्रहण पर सूतक के चलते बुधवार रात्रि 8 बजे ही मंदिरों के कपाट बंद हो गए थे। दोपहर करीब 1:30 के बाद मंदिरों के कपाट खुले और देवी-देवताओं को स्नान करवाने के बाद विधिवत पूजा अर्चना की गई।
साल का अंतिम सूर्य ग्रहण के अवसर पर बुधवार को रात्रि 8 बजे मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए और रात को मंगल आरती भी नहीं हुई। श्याम मंदिर के पुजारी राजेश शास्त्री के अनुसार सुबह 7 बजकर 59 मिनट पर सूर्य ग्रहण आरंभ हो गया। जो करीब 1 बजकर 25 मिनट तक रहा। इस दौरान श्याम मंदिर के गर्भ ग्रह के बाहर दीपक जलता रहा, लेकिन कपाट बंद रहे। उन्होंने बताया की सूर्य ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ की मनाही होती है, जबकि सूर्य मंत्र व हनुमान जी का जाप सर्वश्रेष्ठ रहता है। उधर अमावस्या के अवसर पर वीरवार को प्रसिद्ध झाड़ साहब गुरुद्वारा में लोगों ने पवित्र सरोवर में स्नान कर पूजा अर्चना की।