फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Fatehabad News: ई-क्षर्तिपूर्ति पोर्टल छह दिन बाद भी नहीं खुला, किसान खफा

Fri, 03 Apr 2026 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
विज्ञापन
फतेहाबाद में सांसद कुमारी सैलजा किसानों की समस्याएं सुनतीं।
विज्ञापन
फतेहाबाद। ओलावृष्टि को 6 दिन बीतने के बाद भी सरकार की तरफ से ई-क्षर्तिपूर्ति पोर्टल नहीं खोला गया। पोर्टल खोलने के बाद ही किसान खराब हुई फसल के मुआवजा को लेकर आवेदन कर पाएंगे। प्रशासन की तरफ से सरकार को 11 गांवों की रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। लेकिन शुक्रवार शाम तक पोर्टल नहीं खोला गया है। इससे किसान असमंजस में हैं।
विज्ञापन

प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक गांव भूथनकलां, झलनियां और भिरड़ाना में 70 से 80 प्रतिशत और बीसला और माजरा में 50 प्रतिशत नुकसान हुआ है। इसके अलावा गांव बरसीन में बरसीन, हिजरावां,अकांवाली, दौलतपुर, दरियापुर और करनौली में 20 से 22 फीसदी नुकसान बताया गया है। गांव दरियापुर और बरसीन को भी अधिक नुकसान की श्रेणी में शामिल किया जा सकता है।
सुनैना चौटाला 5 को करेंगी अनाजमंडी का दौरा : इनेलो महिला प्रदेश प्रभारी सुनैना चौटाला 5 अप्रैल को फतेहाबाद अनाजमंडी का दौरा कर फसल खरीद प्रबंधों का जायजा लेंगी। शुक्रवार को किसानों की सुविधा के लिए इनेलो द्वारा अनाज मंडी में दुकान नंबर 86-बी पर स्थापित किए गए किसान कष्ट निवारण केंद्र पर भी पहुंचेगी। इनेलो जिला प्रधान बीकर सिंह हड़ौली व हलका प्रधान अंगद ढिंगसरा मौजूद रहे। इनेलो नेता बीकर सिंह हड़ौली व अंगद ढिंगसरा ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को राहत देने के बजाय उन्हें पोर्टल और जटिल शर्तों के जाल में उलझा रही है।
विज्ञापन

किसान जब सांसद से बोले, दाना भी नहीं बचा

सिरसा लोकसभा की सांसद कुमारी सैलजा ने शुक्रवार को ओलावृष्टि व आंधी से ग्रसित गांवों में खेतों का निरीक्षण किया। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अरविन्द शर्मा, विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया भी साथ रहे। सांसद कुमारी सैलजा जिले के गांव ढ़णी डुल्ट, भूथन, झलनियां, भिड़ाना, चंद्रावल, माजरा, सनियाना, चमार खेड़ा, सनियाना इत्यादि अनेक गांवों का दौरा किया तथा प्रभावित फसलों का निरीक्षण करते हुए किसानों से भी बातचीत की तथा उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने कहा कि उनके पास तो दाना भी नहीं बचा है। सरकार ने अभी तक पोर्टल भी नहीं खोला है। सांसद कुमारी शैलजा ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द प्रभावित गांवों में खेतों की स्पेशल गिरदावरी करवाई जाए तथा रिपोर्ट तैयार कर जल्द से जल्द सरकार को भेजी जाए। सरकार का नियम है कि 72 घंटे के अंदर अंदर फसल बर्बादी की रिपोर्ट दर्ज करवाना अनिवार्य है। वहीं अभी तक पोर्टल भी नहीं खोले गए हैं। उन्होंने किसानों के पक्ष में सरकार से मांग की है कि प्रभावित किसानों को कम से कम 50 हजार रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा प्रदान किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें