फतेहाबाद। भूना थाना में 72 वर्षीय सेवानिवृत्त वीएलडीए लेखराज से हुई साइबर ठगी के मामले को अब साइबर क्राइम थाना में ट्रांसफर किया जाएगा। यह जिले में पहला मामला है, जहां डिजिटल अरेस्ट कर ठगी की गई है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच करेगी और इसके लिए साइबर क्राइम की एक्सपर्ट टीम गठित की गई है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 6 नवंबर को लेखराज के मोबाइल पर व्हाट्सएप मैसेज आया, जिसमें मुंबई क्राइम ब्रांच का लोगो लगा था। इसके बाद एक व्यक्ति ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल कर बताया कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया गया है और जमानत के लिए पैसे जमा करने की जरूरत है। इसके बाद लेखराज ने ठग की बातों में आकर 7 नवंबर को 4.90 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिये भेजे। इसके बाद उन्होंने डेढ़ लाख रुपये और 10 नवंबर को 4.85 लाख रुपये अलग-अलग तरीकों से भेजे। 11 नवंबर को वकील फीस के नाम पर 1.80 लाख रुपये और ठग लिए गए। आरोपी ने लेखराज से कुल मिलाकर 13.05 लाख रुपये की ठगी की।
पुलिस अधीक्षक सिद्धांत जैन ने कहा कि साइबर ठगी के मामलों में पुलिस समय-समय पर लोगों को जागरूक करती रहती है। उन्होंने अपील की कि अगर किसी को इस तरह की ठगी का शिकार बनते हुए देखें, तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें। जितना जल्दी सूचना दी जाएगी, उतना ही जल्दी मामले को सुलझाया जा सकेगा।