पिछले दिनों चोरों द्वारा डीएसपी रोड पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम को उखाड़ कर ले जाने के बाद भी किसी भी बैंक ने इससे कोई सबक नहीं लिया। आज भी सभी बैंकों के एटीएम लावारिस हालात में हैं। अमर उजाला ने शुक्रवार रात को बैंकों के एटीएम केबिन का जायजा लिया तो पाया कि यहां तीस में से 4 बैंकों के एटीएम में ही सुरक्षा गार्ड थे बाकि सब राम भरोसे चल रहे थे। ऐसे में रात के अंधेरे में सुनसान जगह पर एटीएम मशीन को उखाड़ कर ले जाना कोई बड़ी बात नहीं है।
फतेहाबाद में इक्का-दुक्का एटीएम को छोड़कर कहीं भी सुरक्षा गार्ड नहीं है। ऐसे में घटना की पुर्नावृति हो तो दोष किसका माना जाए यह तो प्रशासन ही तय कर सकता है। फतेहाबाद में करीब-करीब सभी बैंकों के तीस के लगभग एटीएम हैं। इनमें कई तो सुनसान जगह पर हैं। बैंकों में सुरक्षा गार्ड तो क्या वॉच मेन भी नहीं है।
गार्ड उपलब्ध करवाना इनका काम नहीं
शहर के ज्यादातर बैंकों के प्रबंधकों का कहना है कि बैंक की पॉलिसी में सुरक्षा गार्ड उपलब्ध करवाना नहीं है। बैंक की हायर अथोरिटी को भी इस बात की जानकारी है। लीड बैंक मैनेजर रामफल पूनियां भी इस बात को स्वीकारते हैं कि बैंक गार्ड उपलब्ध नहीं करवाता। सिर्फ संवेदनशील बैंकों पर गार्ड रखने की अनुमति है। इसके अलावा बैंक प्राईवेट कंपनी की मदद से एटीएम की सुरक्षा का काम चलाते हैं। एटीएम में पैसा डालना, बैंक से ले जाना व सुरक्षा की जिम्मेवारी आउट सोर्सिंग के सहारे चल रही है।