फतेहाबाद। शहर के सार्वजनिक पार्कों को नगर परिषद ने संस्थाओं को गोद दिया हुआ है। इनके रखरखाव में हो रहे खर्च पर गड़बड़ी की आशंका है। लाखों रुपये का भुगतान होने के बाद भी पार्कों के हालात जस के तस हैं। हालात यह है कि पार्कों पर खर्च भी एक साल में 50 लाख से ज्यादा बढ़ गया है। नगर परिषद ने 14 संस्थाओं को नोटिस जारी करके पार्कों में रखे गए कर्मचारियों और अन्य संसाधनों की रिपोर्ट मांगी है।
रिपोर्ट आने के बाद कनिष्ठ अभियंता मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे और जिला नगर आयुक्त को फाइनल रिपोर्ट भेजेंगे। शिकायतों के चलते जिला नगर आयुक्त ने नगर परिषद प्रशासन से पार्कों की वास्तविक स्थिति मांग रखी है। इसके चलते नगर परिषद प्रशासन ने वीरवार को नोटिस जारी करके तीन दिन में रिपोर्ट तलब की है।
-
एक साल में बढ़ गया 50 लाख रुपये खर्च
शहर के पार्कों के रखरखाव का खर्च एक साल में 50 लाख रुपये बढ़ गया है। वर्ष 2024-2025 में नगर परिषद ने संस्थाओं को 22 लाख 18 हजार रुपये का भुगतान किया था लेकिन वर्ष 2025-26 में 73 लाख 66 हजार रुपये का भुगतान कर दिया गया। जबकि पिछले वित्त वर्ष में अनुमानित भुगतान 50 लाख रुपये रखा गया था। इस बार नगर परिषद ने बैठक में एक करोड़ का बजट पार्कों के रखरखाव के लिए पास किया है।
-
इन संस्थाओं को जारी किए गए हैं नोटिस
रानी लक्ष्मीबाई पार्क सोसायटी
श्मशान भूमि सुधार सभा
सेव नेचर ट्रस्ट
दि प्रोगेसिव वेलफेयर सोसायटी
मुन्नीजी वेल्फेयर ट्रस्ट
सवेरा आर्ट एवं एजुकेशनल सोसायटी
डॉ. भीमराव आंबेडकर सभा
जिंदगी वेलफेयर सोसायटी
सॉफ्ट सोनी वेलफेयर सोसायटी
काकड़ वेलफेयर सोसायटी
सनराइज सोशल वर्किंग एजुकेशनल सोसायटी
श्रीसंत सज्जन चेरिटेबल ट्रस्ट
हरियाली पर्यावरण एवं समाज कल्याण समिति
सेक्टर तीन रेजिडेंटस वेलफेयर सोसायटी
-
संस्थाओं के बिल रुके, फिर भी 73 लाख भुगतान
क्षेत्रीय राजपूत महासभा फतेहाबाद के जिला प्रधान जितेंद्र भदोरिया ने बताया कि उनके पास 6 पार्क थे। 4 पार्कों का ठेका पिछले साल 17 नवंबर को खत्म हो गया था और दो का ठेका 10 फरवरी 2026 को खत्म हुआ है लेकिन अभी तक इनके रखरखाव का भुगतान नहीं किया गया है। जिन संस्थाओं ने पार्कों की सूरत बदली है उन्हीं का भुगतान रोका गया है। ऐसे ही कन्हैया पार्क और पपीहा पार्क गोद लेने वाली संस्थाओं के बिल भी रुके हुए हैं।