फतेहाबाद। नगर परिषद प्रशासन ठेका खत्म होने के पहले दिन ही शहर में डोर टू डोर कचरा उठान नहीं करवा पाया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि नगर परिषद प्रशासन ने ठेका खत्म होने के बाद की योजना पर काम ही नहीं किया।
ऐसे में शहर से कचरे की उठान के लिए उसी एजेंसी को आगे आना पड़ा, जिसके पास इसका ठेका था। यह काम भी दो घंटे की देरी से शुरू हो पाया। ठेका खत्म होने के चलते वीरवार सुबह जब वार्डों व बाजारों में गाड़ियां नहीं पहुंची तो नगर परिषद प्रशासन में खलबली मच गई। अधिकारियों ने एजेंसी से शहर में कचरे की उठान के लिए अपील की।
एक बार एजेंसी ने इस बारे में मना कर दिया लेकिन बाद में काम करने के लिए तैयार हो गई। इसके चलते शहर में करीब दो घंटे की देरी से डोर टू डोर कचरा उठान कार्य शुरू हुआ। नगर परिषद ने जिला नगर आयुक्त से नए ठेके तक एजेंसी से गाड़ियां लेने के लिए अनुमति मांगी है। जब तक अनुमति नहीं मिलती फिलहाल नगर परिषद प्रशासन एजेंसी से ही काम करवाएगा। इसके बाद एजेंसी से गाड़ियां लेकर नगर परिषद प्रशासन शहर से खुद ही कचरे की उठान का कार्य करवाएगा।
वजह ये है कि नगर परिषद प्रशासन के पास कचरा उठान के लिए 13 ही गाड़ियां हैं जबकि 27 वार्ड हैं। नगर परिषद प्रशासन को इस कार्य के लिए कम से कम 25 वाहन चाहिए। इसके अलावा कचरा उठान को लेकर हेल्परों की भी जरूरत है। हालात ये है कि नगर परिषद प्रशासन के पास न तो संसाधन है और न कचरा उठान को लेकर पूरी गाड़ियां हैं।
शहर से रोजाना निकलता है 35 टन से ज्यादा कचरा
शहर से रोजाना करीब 35 से 40 टन कचरा निकलता है। नगर परिषद प्रशासन ने वर्ष 2023 के मई माह में डिंग पावर मैन को 1675 रुपये प्रति टन के हिसाब से ठेका दिया था। ये ठेका एक साल के लिए दिया था। इसके बाद आचार संहिता लगने के चलते दिसंबर माह तक बढ़ाया गया है। फिर नए ठेके के लिए पॉलिसी में बदलाव के चलते अप्रैल 2025 तक बढ़ाया गया था, लेकिन इस दौरान ठेके की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है।
-
शहर में डोर टू डोर कचरा उठान के लिए व्यवस्था बनाई गई है। शहर से कचरा उठान होना चाहिए वह करवाया जा रहा है।
- सतपाल सैनी, सीएसआई, नगर परिषद, फतेहाबाद।