फतेहाबाद। डेंगू और मलेरिया पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रैपिड फीवर सर्वे शुरू कर दिया है। इस बार सर्वे को पांच दिन के लिए आगे बढ़ाया गया है। पहले 1 से 10 तारीख तक रैपिड फीवर सर्वे होता था।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें 15 मई तक घर-घर में जाएंगी और बुखार पीड़ितों का पता लगाएंगी। बुखार का मरीज मिलने पर ब्लड स्लाइड बनाई जाएगी और मलेरिया की जांच होगी। विभाग ने लक्ष्य को पूरा करने के लिए सर्वे को पांच दिन बढ़ाया है। पिछले माह स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 1.92 लाख में से 1.39 लाख घरों का सर्वे किया था और इस दौरान 1939 बुखार पीड़ित मिले थे।
हालांकि बनाई गई ब्लड स्लाइड के दौरान बुखार पीड़ित केस नहीं मिले और न ही लारवा मिला है। जिले में पिछले साल डेंगू के करीब 125 और मलेरिया के दो केस मिले थे। पिछले साल सितंबर माह तक रैपिड फीवर सर्वे दौरान 12,143 केस बुखार के मिले थे।
वर्ष 2024 में रैपिड फीवर सर्वे में मिल चुके बुखार पीड़ित
माह सर्वे का लक्ष्य सर्वे हुआ बुखार पीड़ित
अप्रैल 192158 132651 2067
मई 192158 133054 1907
जून 192158 145156 2093
जुलाई 192158 143363 2179
अगस्त 192158 135520 1875
सितंबर 192158 142322 2022
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मलेरिया के ये हैं लक्षण
- सर्दी व कंपन के साथ तेज बुखार आना
- सिर में तेज दर्द होना, शरीर में दर्द होना
- बुखार उतरते समय शरीर का पसीना-पसीना होना
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डेंगू के लक्षण
- अचानक तेज बुखार होना
- अचानक तेज सिर दर्द होना
- मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना
- आंखों के पीछे दर्द होना
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प्रत्येक सोमवार को टीमें स्लम बस्ती का करेंगी सर्वे
जिले में रैपिड फीवर सर्वे शुरू हो गया है। सर्वे के दौरान टीमें घरों में जाएंगी और लारवा की जांच करेंगी। अगर कहीं लारवा मिलता है तो उसे नष्ट किया जाएगा। इसके अलावा बुखार पीड़ितों की ब्लड स्लाइड बनाई जा रही है। विभाग की टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक सोमवार को स्लम बस्ती में जाकर सर्वे करें और यहां पर अगर कोई बुखार पीड़ित केस मिलता है तो उसकी ब्लड स्लाइड बनाई जाए।
- डॉ. विष्णु मित्तल, जिला महामारी रोकथाम विशेषज्ञ, फतेहाबाद।