शहर की जाट धर्मशाला में कार्याकर्ताओं काे महापंचायत के लिए आमंत्रण देते हुए दिग्विजय चौटाला।
फतेहाबाद। जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय चौटाला शुक्रवार को फतेहाबाद पहुंचे। जाट धर्मशाला में उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार और डीजीपी स्थिति संभालने में विफल हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि खुलेआम घूम रहे असामाजिक तत्वों पर केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से कार्रवाई होनी चाहिए।
दिग्विजय ने दावा किया कि प्रदेश में नियमों के विपरीत गतिविधियां हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भिवानी में उनके काफिले को कुछ वाहनों ने इंटरसेप्ट किया जबकि सिरसा में पुलिसकर्मी हथियारों के साथ खुलेआम घूमते नजर आए। उन्होंने कहा कि लागू कानून के तहत बिना वर्दी और कुछ एजेंसियों को इस तरह काम करने की अनुमति नहीं है फिर भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी घटनाओं में केस दर्ज किए जा रहे हैं जबकि आम लोगों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। विश्वविद्यालयों के माहौल पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाई जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
दिग्विजय चौटाला ने सिरसा की जाट धर्मशाला की घटना का जिक्र करते हुए बताया कि देर रात कुछ हथियारबंद लोग परिसर में घुस आए और कमरों की तलाशी ली। इस संबंध में प्रबंधन की ओर से पुलिस को शिकायत और सीसीटीवी फुटेज सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से लोगों में भय का माहौल बन रहा है।
एसआईटी नोटिस के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें अब तक कोई नोटिस नहीं मिला है, लेकिन मिलने पर वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका परिवार हमेशा जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करता रहा है और आगे भी करता रहेगा। उन्होंने बताया कि 27 अप्रैल को हिसार में प्रस्तावित महापंचायत के लिए कार्यकर्ताओं और युवाओं को आमंत्रित किया जा रहा है।
यह महापंचायत गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में हुई घटना और पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला समेत चौधरी देवीलाल परिवार के सदस्य एकजुट हैं और युवाओं की आवाज उठाने के पक्ष में हैं। दिग्विजय ने स्पष्ट किया कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।