फतेहाबाद। कर्मचारी की मौत के बाद भी बैंक ने उसके खाते से डेबिट कार्ड चार्ज, प्रधानमंत्री बीमा योजना व एसएमएस चार्ज काट लिया। इस मामले में मृतक की पत्नी ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में केस दायर किया। आयोग ने इस मामले में द फतेहाबाद केंद्रीय सहकारी बैंक भूना को उसकी सेवाओं में कमी की वजह से 11 हजार रुपये का हर्जाना भरने का आदेश दिया है।
आयोग के चेयरमैन राजबीर सिंह, सदस्य हरीशा मेहता व केएस निरानियां ने उपभोक्ता केलो देवी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए काटी गई राशि नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए है।
जानकारी के अनुसार गोरखपुर निवासी केलो देवी ने अपने अधिवक्ता राजबीर सिंह क जरिए आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसका पति धर्मपाल गोरखपुर प्राथमिक सहकारी समिति में क्लर्क के पद पर कार्यरत था। उनका खाता द फतेहाबाद केंद्रीय सहकारी बैंक भूना में था और वह उसकी नॉमिनी थी। उसके पति धर्मपाल की मौत चार फरवरी 2019 को हुई थी। धर्मपाल की मौत के बाद भी बैंक उसके खाते से एसएमएस चार्ज, प्रधानमंत्री जीवन बीमा योजना व डेबिट कार्ड सहित अन्य चार्ज काटता रहा, जो गलत था। क्योंकि उसके पति की मौत हो चुकी थी फिर भी बीमा राशि व अन्य मदों से उसके खाते से रुपये काट लिए गए। आयोग ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद उपभोक्ता केलो देवी के हक में फैसला सुनाते हुए बैंक को 11 हजार रुपये का हर्जाना केलो देवी को नौ फीसदी ब्याज सहित 45 दिनों में देने के आदेश दिए हैं। आयोग ने यह भी कहा है कि अगर निर्धारित अवधि में यह हर्जाना नहीं दिया गया तो संबंधित बैंक के अधिकारियों को एक माह से तीन साल की कैद या 25 हजार से एक लाख रुपये जुर्माना अथवा दोनों सजाए सुनाई जा सकती हैं।