दिल्ली से नशा सप्लाई करने के आरोप में पकड़ा गया आरोपी नाइजीरियन अवैध रूप से देश में रह रहा था। उसके पास कोई वीजा नहीं था। इसके अलावा पुलिस को भी गलत पहचान बताई थी। सीआईए ने पकड़े गए आरोपी नाइजीरियन के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम के अलावा अवैध रूप से देश में रहने, धोखाधड़ी और गलत पहचान बताने के आरोप के तहत अन्य धाराएं भी जोड़ दी हैं। वहीं एसपी कार्यालय ने आरोपी के देश में अवैध रूप से रहने की जानकारी दिल्ली में वीजा कार्यालय को दी है।
मामले के मुताबिक सीआईए ने शहर के कबीर बस्ती में छापा मारकर आरोपी विकास उर्फ डोका के घर से 35 ग्राम और 11 किलो गांजा बरामद हुआ था। आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस ने सप्लाई करने के आरोपी नाइजीरियन को पकड़ा। आरोपी नाइजीरियन को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपी से पासपोर्ट और वीजा बरामद किया। जांच में सामने आया कि उसके पास बांग्लादेश का वीजा था। 2019 में वीजा खत्म होने पर बांग्लादेश के रास्ते भारत में आ गया। यहां पर अवैध रूप से रह रहा था। आरोपी ने पहले पुलिस को अपनी पहचान जोन आबे बताई थी, लेकिन जांच में जोएल ओबे मिला। रिमांड खत्म होने के बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। यहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मोबाइल पर करता था सेटिंग : पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी नाइजीरियन मोबाइल पर तस्करों के साथ सेटिंग करता था। फोन पर नशा को लेकर डीलिंग होती थी, हालांकि आरोपी से मोबाइल बरामद नहीं हुआ है।
पुलिस नशा तस्करों की चेन तोड़ने में जुटी है। पकड़ा गया आरोपी नाइजीरियन देश में अवैध रूप से रह रहा था। नशा तस्करी के साथ आरोपी के खिलाफ कई अन्य धाराएं जोड़ी गई हैं। इसके अलावा वीजा मुख्यालय को आरोपी के संबंध में पत्र लिख सूचना दे दी है। - राजेश कुमार, एसपी।