रतिया में किसान महापंचायत को संबोधित करते वक्ता।
- फोटो : Fatehabad
किसान संघर्ष समिति के बैनर तले रतिया अनाज मंडी में पगड़ी संभाल जट्टा किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत में संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी बलबीर सिंह राजेवाल, जोगेंद्र उगराहा, शहीद भगत सिंह के भांजे प्रोफेसर जगमोहन सिंह, रलदू सिंह मानसा, मनजीत धनोला, कुलवंत सिंह व निर्भय सिंह आदि किसान नेता मुख्य वक्ता रहे जबकि अध्यक्षता समिति के राज्य संयोजक मनदीप नथवान ने की। पंजाबी गायक रुपिंद्र हांडा ने भी विशेष रूप से शिरकत की। महापंचायत में महिलाओं की भी बड़ी संख्या में भागीदारी रही।
इस दौरान बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि केंद्र सरकार को तीनों कृषि कानून वापस लेने ही होंगे क्योंकि अब आंदोलन इतना बड़ा हो गया है कि पीछे हटने का सवाल ही नहीं। सरकार को ही झुकना पड़ेगा। कई बैठकों में हम स्पष्ट कर चुके हैं कि यह कानून खेती को बर्बाद कर देंगे। 200 से ज्यादा किसानों की जान चली गई है। किसान आंदोलन इस कदर बढ़ रहा है कि गांवों में आकर कृषि कानूनों पर बोलने की भाजपा वालों की हिम्मत नहीं हो रही है। उनका हर जगह विरोध हो रहा है।
चाचा अजीत सिंह की चलाई लहर देश में दोबारा चली: प्रो. जगमोहन
शहीद भगत सिंह के भांजे प्रोफेसर जगमोहन सिंह ने कहा कि शहीद ए आजम के चाचा और उनके नाना अजीत सिंह की अंग्रेजी शासन के समय चलाई लहर अब देश में दोबारा चल रही है। पहले किसान अंग्रेज सरकार के खिलाफ लड़े थे जबकि अब केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ देश एकजुट होकर लड़ रहा है। इस आंदोलन को कामयाब बनाने के लिए हमें हर वर्ग के सहयोग की जरूरत है इसलिए हर वर्ग जुड़कर इस आंदोलन को सफल बनाएं।
आंदोलन को फेल करने में लगी है केंद्र सरकार : महापंचायत में कुलवंत सिंह संधू ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार आंदोलन को फेल करने की चालें चल रही हैं। मगर हर हाल में हम आगे बढ़ेंगे। वहीं, रूलदू सिंह मानसा ने प्रदेश की जजपा भाजपा गठबंधन सरकार को भी उखाड़ फेंकने की बात कही। उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार ने दिल्ली जाते समय हमारे रास्ते बंद किए थे लेकिन अब पूरा हरियाणा हमारे साथ आ गया है। इन कृषि कानूनों के बाद मंडियां खत्म हो जाएंगी। आढ़ती व मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे। सरकार को यह बात समझ नहीं आ रही है। पहले अंग्रेजों का शासन था, अब काले अंग्रेज आ गए हैं।
हमारे जिला प्रधान पर हत्या प्रयास का केस दर्ज कर दिया : महापंचायत में किसान संघर्ष समिति के राज्य संयोजक मनदीप नथवान ने कहा कि आंदोलन के चलते समिति के जिला प्रधान ओमप्रकाश हसंगा के खिलाफ हत्या प्रयास का केस दर्ज किया गया है, लेकिन हम पुलिस को उन्हें गिरफ्तार नहीं करने देंगे। किसान नेताओं ने दुष्यंत चौटाला को भी सरकार से समर्थन वापस लेने के लिए मजबूर करने का आह्वान किया।