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हेपेटाइटिस के रेड जोन में मरीजों की जांच अटकी, सिरसा स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल लेने से किया मना, फतेहाबाद में अब तक किट नहीं पहुंची

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फतेहाबाद में विशेषज्ञ की ओपीडी में जांच करवाने आए मरीज। - फोटो : Fatehabad
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फतेहाबाद। हेपेटाइटिस सी और बी से ग्रस्त मरीजों की जांच को लेकर अभी तक समाधान नहीं हुआ है। आरटीपीसीआर लैब में हेपेटाइटिस मरीजों के सैंपल की जांच शुरू नहीं हुई है। यहां अब तक किट का ही प्रबंध नहीं हुआ है जबकि दो माह से भी पहले निजी लैब से अनुबंध बंद करके आरटीपीसीआर लैब में सैंपल जांच के आदेश जारी हो गए थे। यहां तक सिरसा स्वास्थ्य विभाग ने भी फतेहाबाद जिले के सैंपल लेने से मना कर दिया है। सिरसा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास किट का स्टॉक सीमित है।
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हेपेटाइटिस को लेकर सैंपलों की जांच शुरू न होने से मरीजों को दिक्कत हो रही है। कई मरीज ऐसे है जिन्हें दवा कोर्स पूरा हो चुका है और वायरस का पता लगाना है और कई ऐसे मरीज है जिनमें लक्षण है लेकिन जांच नहीं हो पा रही है। स्वास्थ्य विभाग फिलहाल आशंकित मरीजों की सूची तैयार कर रहा है। जब लैब में जांच शुरू होगी तो विभाग सैंपल भेजेगा।
पांच साल से निजी लैब से था अनुबंध
हेपेटाइटिस सी को लेकर जिला रेड जोन में शामिल है। रतिया क्षेत्र में सबसे ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। मरीजों को दवा लेने के लिए पहले रोहतक जाना पड़ता था लेकिन वर्ष 2017 से जिला स्तर पर उपचार शुरू हुआ। स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए निजी लैब से अनुबंध कर रखा था। विभाग मरीज को टोकन देता था, टोकन के जरिये निजी लैब जांच करके रिपोर्ट देती थी। 28 जुलाई 2022 को अनुबंध खत्म हो गया और आरटीपीसीआर लैब में जांच शुरू करने के आदेश दिए गए।
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6310 मरीज हो चुके है पंजीकृत
वर्ष 2017 से इस साल जुलाई माह तक जिले में हेपेटाइटिस सी लक्षण से ग्रस्त 6310 मरीज पंजीकृत हो चुके हैं और उनकी जांच करवाई गई। जांच के दौरान 4850 मरीजों में पुष्टि हुई। 4500 मरीज दवा लेकर स्वस्थ हो गए है और 350 मरीजों का फिलहाल उपचार चल रहा है। हेपेटाइटिस बी के जिले में 385 मरीज मिल चुके हैं और इनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक कोर्स पूरा होने के तीन माह बाद भी जांच जारी है। ये खतरनाक बीमारी मां से बच्चे में भी आ सकती है, अगर समय रहते इसका उपचार लिया जाए तो इसे बच्चे में आने से रोका जा सकता है।
सिरसा के लिए लिखित में आदेश नहीं दिए : उप सिविल सर्जन
हेपेटाइटिस लक्षण से ग्रस्त मरीजों की जांच आरटीपीसीआर लैब में होनी है। लेकिन अभी तक यहां प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। चंडीगढ़ में हुई बैठक में अधिकारियों ने कहा था कि वह सिरसा में सैंपल भेजकर जांच करवा लें लेकिन लिखित में नहीं दिया गया। इसके चलते सिरसा स्वास्थ्य विभाग ने सैंपल लेने से मना कर दिया है और उनका कहना है कि वर्क लोड ज्यादा है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को दोबारा अवगत करवाया जाएगा।
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-डॉ. अरुण, उप सिविल सर्जन
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