भूना । जिला पुलिस ने मंगलवार को खंड के दस गांवों व शहर भूना के पांच वार्डों को नशा मुक्त घोषित किया है। ग्राम पंचायत खासा पठाना में ड्रग मुक्त गांव सम्मान समारोह में डीएसपी जगदीश कुमार काजला व डीएसपी जयपाल सिंह ने इन दस गांवों के सरपंचों व शहर के पांच पार्षदों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच मांगेराम गोदारा ने की जबकि मंच संचालन विकास जाखल ने किया। एडीजीपी हिसार रेंज डॉ.एम रवि किरण मुख्य अतिथि तथा एसपी आस्था मोदी अति विशिष्ट अतिथि बनाए गए थे मगर निर्धारित समय पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग होने की वजह से दोनों ही कार्यक्रम में शिरकत नहीं कर पाए। कार्यक्रम में एडीजीपी हिसार रेंज के पीआरओ सज्जन कुमार ने पहुंच कर ड्रग मुक्त गांव के सरपंचों एवं ग्रामीणों को बधाई दी तथा दूसरे गांवों के लोगों को प्रेरणा लेकर नशा मुक्त गांव बनाने के लिए संदेश दिया।
इन सरपंच व पार्षदों को किया सम्मानित
खासा पठाना में मंगलवार को नशा मुक्त घोषित गांव में खासा पठाना, डूल्ट, जांडली खुर्द, चौबारा, मोचीवाली, चंद्रावल, भूथनखुर्द, बुवान, लहरिया, भट्टू तथा नगरपालिका के वार्ड नंबर एक के पार्षद एवं वाइस चेयरमैन नरेंद्र बागड़ी, वार्ड नंबर 6 की पार्षद भगवंती कंबोज, वार्ड नंबर 8 पार्षद पूजा छोकरा, वार्ड नंबर 10 के पार्षद रोहताश कुमार तथा वार्ड नंबर 15 की पार्षद सुमन शर्मा शामिल हैं। नशा मुक्ति टीम फतेहाबाद के नोडल ऑफिसर डीएसपी जयपाल सिंह ने कहा कि ब्लॉक की अन्य सभी ग्राम पंचायतें भी नशा मुक्त गांवों को अपना रोल मॉडल मानकर अपने-अपने गांवों को नशा मुक्त करवाकर नई मिसाल कायम करें। नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सभी ग्राम पंचायतें, सामाजिक संस्थाएं तथा यूथ क्लब अपनी अग्रणी भूमिका निभाएं। कार्यक्रम में खासा पठाना के सरपंच एडवोकेट मांगेराम गोदारा, चौबारा के सरपंच जोगिंदर सिंह, चंद्रावल सरपंच शैलेंद्र सिंह, डूल्ट सरपंच प्रतिनिधि सुखविंदर सिंह, लहरिया सरपंच प्रतिनिधि जगदीश नेहरा, भट्टू सरपंच प्रतिनिधि सुखजीत सिंह उर्फ सूखा, बुवान सरपंच प्रतिनिधि महेंद्र कंबोज, जांडलीखुर्द के सरपंच बलवंत पूनिया, पुलिस उप अधीक्षक जगदीश कुमार काजला व जयपाल सिंह ने पुलिस विभाग की तरफ से स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
समाज से नशे का खात्मा तभी होगा, जब सब साथ देंगे : काजला
डीएसपी जगदीश कुमार काजला ने कहा कि समाज से नशे का खात्मा तभी हो सकता है, जब हम नशा तस्करों को पकड़ने के साथ-साथ नशा करने वाले व्यक्ति काे नशे से भी दूर करने में कामयाब होंगे। इसी उद्देश्य से पुलिस विभाग द्वारा नशे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। हरियाणा दूध-दही के खाने के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। परंतु अब खानपान में बदलाव के कारण प्रदेश के युवा नशे की लत में डूब रहे हैं। इसलिए डीजीपी शत्रुजीत कपूर के मार्गदर्शन में हरियाणा को नशा मुक्त करने का संकल्प किया है।
पुलिस अभियान के सार्थक परिणाम आ रहे : जयपाल सिंह
नोडल ऑफिसर एवं डीएसपी जयपाल सिंह ने कहा कि जिला पुलिस द्वारा नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। पुलिस के अभियान से प्रेरित होकर जहां युवा शिक्षा और खेल गतिविधियों की ओर अग्रसर हो रहे हैं, वहीं पर अनेक नशा ग्रस्त युवकों ने नशा छोड़ने की पहल की है। स्थानीय प्रशासन की मदद से काफी संख्या में युवकों का इलाज करवाकर, उन्हें फिर से समाज की मुख्य धारा में शामिल किया गया है।
न्यू सनराइज स्कूल की दो छात्राओं ने नशे पर कविताओं के माध्यम किया प्रहार
न्यू सनराइज स्कूल की छात्रा प्रियांशु ने कविता के माध्यम से कहा कि हुक्का पीना बुजुर्ग अपनी शान समझते हैं। मगर यह मीठा जहर है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। बुजुर्ग अपने बेटे और पोते को भी साथ बिठाकर हुक्के की एक घूंट पीने के लिए भी प्रोत्साहित करते हैं, जो आगे चलकर नशे को बढ़ावा देता है। जबकि दूसरी छात्रा अनु ने नशे के दुष्परिणामों के बारे में खुलकर व्याख्यान किया।