फतेहाबाद। कृषि और किसान कल्याण विभाग की ओर से वीरवार को विश्व मृदा दिवस मनाया गया। डीपीआरसी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मिट्टी की देखभाल-माप, निगरानी और प्रबंधन की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में कृषि और किसान कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक (कपास) डॉ. आरपी सिहाग मुख्य अतिथि रहे।
डॉ. आरपी सिहाग ने भूमि के जैविक कार्बन और सूक्ष्म जीव बढ़ाने के तरीके बताए। उन्होंने किसानों से भूमि की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने सभी विभागीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए वेबसाइट www.agriharyana.gov.in पर निरंतर पंजीकरण करवाने की सलाह दी। उन्होंने कपास की फसल के लिए सूक्ष्म सिंचाई के साथ पक्के टैंक का निर्माण कर इस पर मिलने वाले अनुदान के बारे में बताया।
जिला भूमि परीक्षण अधिकारी डॉ. राजेश सैन ने भूमि में पाए जाने वाले सभी आवश्यक पोषक तत्वों की जानकारी दी। उन्हाेंने विभिन्न प्रकार की कल्लर भूमि की पहचान और उनका सुधार करने के तरीके बताए। उन्होंने मिट्टी और पानी की जांच की महत्ता बताई। उन्होंने कहा कि विभाग ऑनलाइन मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी कर रहा है। इनका उपयोग फसलों में किया जाए, ताकि मिट्टी में पहले से उपलब्ध पोषक तत्वों के आधार पर संतुलित खादों का प्रयोग उचित मात्रा में किया जा सके।
कृषि विज्ञान केंद्र से वैज्ञानिक डॉ. अमित कुमार ने सब्जियों और उससे संबंधित मिट्टी के बारे में बताया। बागवानी विभाग से डॉ. पवन बाना ने बागवानी विभाग की योजनाएं बताईं। डॉ. राहुल चौहान ने पराली का अवशेष मिलाने पर मिट्टी में होने वाले फायदे बताए। गांव मताना के किसान जितेंद्र सिंह ने बताया कि वह कई वर्षों से जैविक खेती अपना रहे हैं। इस जैविक खेती से कई फायदे हो रहे हैं। इस मौके पर उपमंडल कृषि अधिकारी डॉ. भीम सिंह कुल्हड़िया, सहायक कृषि अभियंता पवन बिश्नोई, डॉ. रामेश्वर दास, डॉ. संजय सेलवाल, डॉ. सुभाष लोहान आदि मौजूद रहे।