सरवरपुर में आरोही स्कूल के विद्यार्थियों द्वारा प्रदर्शन को समर्थन करने पहुंची कांग्रेस महिला ?
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महिला कांग्रेस की जिला प्रधान कृष्णा पूनिया ने गांव सरवरपुर के आरोही स्कूल में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष कृष्णा पूनियां आरोही स्कूल के विद्यार्थियों और ग्रामीणों द्वारा जाम लगाए जाने के दौरान गांव पहुंची और आरोही स्कूल की व्यवस्था के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने कहा कि गांव सरवरपुर के आरोही स्कूल में केवल तीन अध्यापक हैं और छात्राओं से स्कूल में पढ़ाई की बजाय सफाई करवाई जा रही है। कई मुद्दों के कारण ग्रामीणों और स्कूल की छात्राओं में प्रधानाचार्य की कार्य प्रणाली के खिलाफ बहुत रोष है, इसलिए जिला प्रशासन को अध्यापकों व सफाई कर्मियों की कमी को दूर तुरंत करते हुए और वहां की प्रिंसिपल को बदलना चाहिए।
तीन सौ विद्यार्थियों को पढ़ा रहे सिर्फ तीन शिक्षक
इस अवसर पर कृष्णा पूनियां ने कहा कि सरकार द्वारा बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में उन्नति कराने के लिए आरोही इंग्लिश मीडियम मॉडल स्कूल खोले गए थे। परन्तु हालत यह हैं कि 300 विद्यार्थियों पर मात्र 3 अध्यापक ही हैं। कक्षा छठी से आठवीं तक तो कोई अध्यापक ही नहीं है, जिससे सरकार की शिक्षा विरोधी नीति की पोल खुलकर सामने आ गई है। छात्रों ने उन्हें बताया कि इस आरोही स्कूल में पहले 4 अध्यापक थे, जिनमें एक अध्यापक इस्तीफा दे चुका है। मात्र तीन अध्यापकों के सहारे बच्चों को शिक्षा प्रदान करना शिक्षा के साथ मजाक है।
पूनियां ने कहा कि सरवरपुर के विद्यार्थी बार-बार आंदोलन करने पर मजबूर हैं लेकिन सरकार और शिक्षा विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी है।