नागरिक अस्पताल का महिला शौचालय जहां हुई बच्चे की डिलिवरी।
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नागरिक अस्पताल के जनरल वार्ड के शौचालय में एक महिला की डिलीवरी हो गई। डिलीवरी के वक्त बच्चा मृत पाया गया जिसको लेकर रात को परिजनों ने नागरिक अस्पताल में हंगामा कर दिया। मामले की सूचना पाकर पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों ने परिजनों को संतुष्ट करवाकर उन्हें शांत करवाया। महिला के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर भी आरोप लगाए हैं।
जानकारी अनुसार पंजाब के गांव दतार कलां की महिला परमजीत(32) को लेबर पेन शुरू हो गया तो परिजन अस्पताल में ले गए। अस्पताल में मौजूद चिकित्सक ने अल्ट्रासांउड करवाने की बात कही जब परिजन अल्ट्रासाउंड करवाकर आए तो चिकित्सकों के अनुसार बच्चा पेट में पानी भरने के बाद मृत था। उस उपरांत चिकित्सकों ने महिला की डिलीवरी अस्पताल में ही करने को कहा। महिला लेबर रूम के महिला शौचलय में गई तो बच्चे का मुंह बाहर आ गया और महिला ने बच्चे को शौचालय में ही जन्म दे दिया। बच्चा मृत पाए जाने पर उसके परिजनों ने अस्पताल मेें हंगामा कर दिया और चिकित्सकों पर लापरवाही के आरोप लगाए। बाद में चिकित्सकों ने उनको शांत किया और बताया कि बच्चा पेट में पानी भरने के बाद पहले से ही मृत था। इसीलिए जल्दी डिलीवरी करवाना जरूरी था।
परमजीत नाम की महिला डिलीवरी के लिए अस्पताल में आई थी। एक निजी अस्पताल में जब वह अल्ट्रासाउंड करवाकर आए तो अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में बच्चा पेट में ही मृत बताया गया था। उन्होंने बताया कि बच्चे के पेट में पानी भर जाने के कारण वह मर चुका था। बच्चे की डिलीवरी के दौरान महिला शौचालय में चली गई जहां बच्चे का मुंह बाहर आ गया था। उन्होंने बताया कि शौचालय में लाइट न होने के कारण यह समस्या सामने आई तथा परिजनों ने हंगामा कर दिया था। उन्होंने बताया कि यह महिला का तीसरा बच्चा था इससे पहले उनकी दो लड़कियां हैं। -डॉ. सचिन मंगला, स्त्री रोग विशेषज्ञ।
महिला का बच्चा पहले से मरा हुआ था। महिला शौच में चली गई थी इसलिए यह समस्या आई थी। महिला के परिजनों को समझाया गया और उनको शांत कर दिया गया। -डॉ. हरविंद्र सागु, एसएमओ।